बीकानेर, 10 अगस्त। बीकानेर वैचारिक जागरण मंच द्वारा बीकानेर क्षेत्र की गोचर भूमि की किस्म यथावत रखते हुए उसके संरक्षण एवं अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग को लेकर राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलैक्टर बीकानेर को सौंपा गया।
मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि बीकानेर में गोचर भूमि को लेकर लंबे समय से जनभावनाएं जुड़ी हुई हैं। ज्ञापन में मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया कि गोचर भूमि की प्रकृति में किसी प्रकार का परिवर्तन न किया जाए तथा इसे भविष्य में भी पशुधन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सुरक्षित रखा जाए।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं बीकानेर की गोचर भूमि की किस्म यथावत रखी जाए। गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए।
अन्य उपयोगों में ली गई गोचर भूमि के बदले लगभग 2 हजार बीघा भूमि उपलब्ध कराई जाए। राज्य सरकार द्वारा गोचर भूमि की सुरक्षा, संरक्षण एवं विकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा जनभावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। गौ अभयारण्य घोषित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाए।
अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित ने कहा कि गोचर भूमि केवल राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि नहीं है, बल्कि यह पशुधन, पर्यावरण और ग्रामीण सामाजिक व्यवस्था से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण सार्वजनिक संसाधन है। इसलिए इसके स्वरूप में परिवर्तन अथवा इसके अन्य उपयोग को लेकर सरकार द्वारा अत्यंत संवेदनशीलता एवं जनहित को प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गोचर भूमि का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के हित में भी आवश्यक है तथा मंच इस विषय पर जनभावनाओं को सरकार तक पहुंचाने और गोचर भूमि के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
प्रतिनिधि मण्डल में अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित सहित वरिष्ठ पत्रकार हेम षर्मा, मनोज सेवग, प्रषांत तंवर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।






