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राजस्थान सरकार वित्त विभाग द्वारा राज्य में कर्मचारी वेतन विसंगति परीक्षण समिति के गठन की घोषणा

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जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा वर्ष 2021-22 में की गई बजट घोषणा के सम्बन्ध में प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी व अधिकारी संदर्ग की मांगों का परीक्षण तथा केन्द्र सरकार व अन्य राज्यों में प्रचलित व्यवस्थाओं से तुलनात्मक अध्ययन व विश्लेषण किये जाने हेतु खेमराज चौधरी, सेवानिवृत आईएएस की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाता है। समिति के सदस्य विनोद पांड्या सेवानिवृत आईएएस संयुक्त शासन सचिव, वित्त नियम प्रथम ) सदस्य सचिव होंगे।

यह समिति इन बिन्दुओं पर विचार कर अपनी अनुशंषा राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी जिनमे विभिन्न राज्य कर्मचारी संघो से वेतन विसंगति / वेतन सुधार के सम्बन्ध में प्राप्त ज्ञापनों का परीक्षण केन्द्र सरकार व अन्य राज्य सरकारों में समकक्ष पदों के लिये निर्धारित शैक्षणिक / प्रशैक्षणिक योग्यता, पदोन्नति के अवसर पदोन्नति पदों के वेतनमान, भर्ती की प्रक्रिया, कर्तव्य एवं दायित्वों तथा अन्य पदों से सापेक्षता के दृष्टिगत परीक्षण कर संभावित वित्तीय भार सहित अनुशंषा करना।
राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित केरियर प्रोग्रेशन ( ACP) योजना के तहत निर्धारित समयावधि एवं पद्धति का केन्द्र सरकार एवं अन्य राज्य सरकारों में प्रचलित व्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन / परीक्षण कर संभावित वित्तीय भार सहित अनुशंषा करना। राज्य सरकार के कर्मचारियों को देय भत्तों की निरन्तरता एवं उपयोगिता के परिप्रेक्ष्य मेंभत्तों की दर का विभिन्न राज्य सरकारों में निर्धारित दर एवं प्रचलित व्यवस्थाओं कातुलनात्मक अध्ययन कर संभावित वित्तीय भार सहित अनुशंषा करना तथा. राज्य कर्मचारी संघों की विभिन्न मांगों के सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा समिति को भेजे जाने वाले मामलों पर कर्मचारी संघों से चर्चा तथा सम्बन्धित प्रशासनिक विभागों सेविचार विमर्श उपरान्त परीक्षण कर अनुशंषा करना।समिति द्वारा राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ पंचायतीराज संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन विसंगति / देतन सुधार संबंधी प्रकरणों का भी संभावित वित्तीय भार के आकलन के साथ परीक्षण किया जायेगा।
इस समिति का नाम कर्मचारी वेतन विसंगति परीक्षण समिति है। समिति अपनी रिपोर्ट कार्य प्रारम्भ करने के तीन माह की अवधि में प्रस्तुत करेगी समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों के वेतन, भत्ते एवं अन्य सुविधाए पृथक से निर्धारित की जायेगी। समिति अपने कार्य की प्रक्रिया स्वयं निर्धारित करेगी। समिति का कार्यालय वित्त भवन में होगा। समिति का प्रशासनिक विभाग वित्त (नियम) विभाग होगा।

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