सदानंद वसंत दाते बने नए NIA प्रमुख, 26/11 हमले में लिया था आतंकवादियों से लोहा

TIN NETWORK
FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

सदानंद वसंत दाते बने नए NIA प्रमुख, 26/11 हमले में लिया था आतंकवादियों से लोहा

सदानंद वसंत दाते इससे पहले भी दो बार केंद्र सरकार में अपनी सेवा दे चुके हैं। वह सीबीआई में उप महानिरीक्षक की और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में महानिरीक्षक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण यानी NIA को नया प्रमुख मिल गया है। आधिकारिक बयान में जानकारी दी गई है कि सदानंद वसंत दाते ने एनआईए के रविवार को नए प्रमुख के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। सदानंद ने दिनकर गुप्ता का स्थान ग्रहण किया है जो कि रविवार को सेवानिवृत्त हो गए हैं। एनआईए प्रमुख बनने से पहले दाते महाराष्ट्र में आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। आपको बता दें कि मुंबई में हुए 26/11 हमले के समय दाते ने सुरक्षा व्यवस्था में प्रमुख भूमिका निभाई थी। 

सदानंद वसंत दाते के बारे में खास बातें

एनआईए प्रमुख बनने से पहले सदानंद वसंत महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख थे। वह 1990 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस)के महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी हैं। एनआईए द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक दाते ने महाराष्ट्र में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। इनमें मीरा-भयंदर वसई-विरार के पुलिस आयुक्त, संयुक्त आयुक्त (कानून और व्यवस्था) और संयुक्त आयुक्त अपराध शाखा, मुंबई आदि शामिल हैं। 

राष्ट्रपति पुलिस पदक से हुए हैं सम्मानित 

सदानंद वसंत दाते इससे पहले भी दो बार केंद्र सरकार में अपनी सेवा दे चुके हैं। वह सीबीआई में उप महानिरीक्षक की और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में महानिरीक्षक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। साल 2008 में मुंबई पर हमला करने वाले आतंकवादियों से लोहा लेने में अहम भूमिका निभाने के लिए दाते को  2008 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। दाते को 2007 में सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और 2014 में विशिष्ट सेवा के लिए भी राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था।

जानें एनआईए के बारे में

एनआईए देश की केंद्रीय आतंकवाद विरोधी कानून प्रवर्तन एजेंसी है। इसकी स्थापना मुंबई आतंकी हमले के बाद साल 2008 में भारत की संसद द्वारा पारित अधिनियम राष्ट्रीय जांच एजेंसी विधेयक के तहत की गई थी। एनआईए का काम देश के भीतर आतंकवादी गतिविधियों को रोकना और भारत में आतंकवाद को समाप्त करना है। भारत सरकार द्वारा इसे कई विशेष अधिकार मिले हुए हैं। 

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!