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आरपीएससी मेंबर के सहयोगी कर्मचारी को 23 लाख की रिश्वतखोरी में ट्रैप करना ये प्रमाणित करता है कि आरपीएससी में भी नंबर देने के पैसे लगते है: : नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की पत्रकार वार्ता

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प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने गोविंद सिंह डोटासरा को घेरने को लेकर की पत्रकार वार्ता। उन्होंने कहा कि आर पी एस सी द्वारा राजस्थान के योग्यतम व्यक्तियों का सिलेक्शन हो’,इसीलिए आरपीएससी का गठन हुआ।राजस्थान के लाखों बच्चों का भविष्य जुड़ा रहता है RPSC से, अभी की जो घटना सामने आई उसे आरपीएससी क चमत्कार कहे या भ्रष्टाचार कहें,? ये महत्वपूर्ण प्रश्न है इसे ‘मैं इसलिए चमत्कार कहूंगा क्योंकि मैं भी एक छोटा सा शिक्षक रहा हूं’।
‘आरपीएससी इंटरव्यू व्यवस्था पर फिर से विचार करना चाहिए’।’मैं इसे भ्रष्टाचार इसलिए कहूंगा’,’क्योंकि चमत्कार से भी ज्यादा यह भ्रष्टाचार है’।
‘आरपीएससी मेंबर के सहयोगी कर्मचारी को 23 लाख की रिश्वतखोरी में ट्रैप किया गया इससे सिद्ध होता है कि आरपीएससी में भी नंबर देने के पैसे लगते हैं। ‘आरपीएससी जैसी संस्था का कितना दुरुपयोग हो रहा है ,राजस्थान के नौजवानों की इस संघर्ष के लिए आगे आना चाहिए।
16 की मेरिट लिस्ट में केवल 6 बच्चे ही ऐसे हैं, जिन्हें 80% से ज्यादा अंक मिले,’डोटासरा ने कहा कि 300 से अधिक बच्चों के 75% से ज्यादा नंबर आये’। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र यादव की ईमानदारी का मैं प्रशंसक रहा हूं’, ‘लेकिन इस बार मुझे इस घटना ने संदेह में खड़ा कर दिया है’।उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री इस पूरे प्रकरण की जांच कराएं और डोटासरा को मुक्त करें।यदि वे जांच में यदि निर्दोष पाए जाएं तो उन्हें वापस मंत्री बना दें।
कटारिया ने इसे राजस्थान के लिए अफसोस जनक और शर्मनाक प्रकरण बताया है’।’नंबर लुटाने के इस खेल में पाबंदी लगनी चाहिए’, ‘ओरल परीक्षा को और कम कर दिया जाना चाहिए।

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