एनआरसीसी में तनाव प्रबंधन पर राजभाषा कार्यशाला आयोजित

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बीकानेर 4 मार्च 2024 । भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर में आज दिनांक को राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें आधुनिक जीवन शैली : तनाव प्रबंधन विषय पर आचार्य अरविन्‍द मुनि जी ने अपना व्‍याख्‍यान प्रस्‍तुत किया । उन्‍होंने अपने व्‍याख्‍यान के दौरान बताया कि आज के इस दौर में हर आयु का व्‍यक्ति तनाव से प्रभावित है, नकारात्‍मकता हावी है और इससे व्‍यक्ति के भीतर विकार पैदा हो रहे हैं । अत: शरीर और मन को स्‍वस्‍थ बनाए रखने के लिए हमें ध्‍यान (मेडिटेशन) साधना करनी चाहिए । उन्‍होंने ध्‍यान की कई क्रियाओं का अभ्‍यास करवाया तथा कहा कि इससे न केवल स्‍वयं के जीवन को अपितु परिवार, समाज व देश की समृद्धि बनाने में योगदान दे सकेंगे ।

इस अवसर पर केन्‍द्र के निदेशक एवं कार्यक्रम अध्‍यक्ष डॉ. आर्तबन्‍धु साहू ने कहा कि हम सभी सभी को नैसर्गिक मानवीय गुणों की ओर अपना ध्‍यान केन्द्रित करना होगा जैसे हंसी को इस भौतिक परिवेश में विस्‍मृत करते जा रहे हैं और तनाव को आमंत्रित कर रहे हैं जबकि मानव स्‍वभाव का यह (हंसी) एक अत्‍यंत अनिवार्य पहलू है । इससे जीवन में ऊर्जा का संचार होता है तथा हम अपनी कार्यक्षमता के अनुरूप अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर कर सकते हैं।

केन्‍द्र के नोडल अधिकारी राजभाषा डॉ.राजेश कुमार सावल ने कार्यशाला के उद्देश्‍य व महत्‍व पर प्रकाश डालते हुए इससे लाभ उठाने की बात कही। कार्यशाला कार्यक्रम का संचालन श्री मोहनीश पंचारिया ने किया ।

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