कलेक्टर चैम्बर में पुलिस और भाजपा नेता में धक्कामुक्की:मतदाता सूची में गड़बड़ी पर कलेक्टर से बात करने गए तो ASP ने हाथ पकड़कर निकाला
बीकानेर

भाजपा नेता अरुण आचार्य और एडिशनल एसपी दीपक के बीच धक्का मुक्की।
बीकानेर पश्चिम विधानसभा सीट में 13 हजार से ज्यादा फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ने को लेकर भाजपा नेता अरुण आचार्य जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल से शिकायत करने पहुंचे। आचार्य ने कलेक्टर से कहा कि आपने तीन दिन में 13 हजार वोटर्स की जांच कैसे कर ली, इस पर जिला कलेक्टर कलाल नाराज होकर पास के केबिन में चले गए, जहां पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पहले से मौजूद थे। इसी दौरान एडिशनल एसपी दीपक कुमार कलेक्टर के चैम्बर में पहुंचे और आचार्य का हाथ पकड़कर बाहर निकालने का प्रयास किया। इस पर आचार्य और दीपक कुमार के बीच धक्का-मुक्की हो गई। एडिशनल एसपी दीपक कुमार ने आचार्य और उनके समर्थकों को बाहर निकाल दिया गया।
कांग्रेस ने भी की थी शिकायत
दरअसल, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पिछले दिनों शिकायत दर्ज कराई थी कि बीकानेर पश्चिम विधानसभा सीट पर तेरह हजार से ज्यादा फर्जी नाम जोड़े गए हैं। इस मुद्दे पर बात करने के लिए अरुण आचार्य कलक्टर के कार्यालय में पहुंचे। वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। इससे अरुण आचार्य संतुष्ट नहीं हुए। प्रशासन का कहना था कि कुछ लोगों ने अपने नाम पूर्व से हटाकर पश्चिम में जोड़ लिए हैं। वहीं कुछ नाम करेक्शन के कारण रिपीट हुए हैं। इस पर आचार्य ने आपत्ति जताई कि एक साथ इतने नामों में गड़बड़ी हुई है। बात उलझने लगी तो एडिशनल एसपी दीपक ने अरुण आचार्य को बाहर निकलने के लिए कहा। तब तक वो अपनी बात रखते रहे, इस बीच एडिशनल एसपी ने उनका हाथ पकड़कर बाहर निकालने का प्रयास किया तो आचार्य भी चिल्ला पड़े कि आप ऐसे नहीं कर सकते। बात यहीं नहीं रुकी बल्कि कलेक्टर चैम्बर के बाहर भी पुलिस और आचार्य आपस में उलझते रहे। बाद में सीओ सदर शालिनी बजाज के समक्ष आचार्य ने अपनी बात रखी।
अमेरिका से कुछ समय पहले आए हैं आचार्य
भाजपा नेता अरुण आचार्य जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी जोधपुर के अध्यक्ष रहे हैं। वो बीकानेर मूल के हैं और अभी अमेरिका से बीकानेर आए हैं। बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा से चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी जता रहे हैं। पिछले कुछ महीने से वो बीकानेर में सक्रिय हैं।






