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कश्मीर ::आतंकी हमलों से घाटी में दहशत का माहौल, कश्मीर से जम्मू का रुख कर रहे हैं कर्मचारी::घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मियों को 10 दिन का अवकाश, 500 से अधिक कर्मचारी जम्मू रवाना

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REPORT BY SAHIL PATHAN

श्रीनगर में दो शिक्षकों की हत्या के बाद बडगाम, अनंतनाग व पुलवामा से 500 से अधिक कर्मचारियों ने जम्मू का रुख किया है। कुछ गैर कश्मीरी पंडित परिवार भी सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कश्मीर में सिलेक्टिव किलिंग करने वाले आतंकियों पर बड़ी और कड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रदेश सरकार से इस नई चुनौती से निपटने पर चर्चा की है। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों से कश्मीर में सक्रिय आतंकियों का ब्योरा मांगा गया है।
*हत्या के बाद दहशत: घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मियों को 10 दिन का अवकाश, 500 से अधिक कर्मचारी जम्मू रवाना
श्रीनगर में दो शिक्षकों की हत्या के बाद पीएम पैकेज के तहत 2010-11 में नियुक्त कश्मीरी पंडित कर्मचारियों में दहशत है। इसी भय से बडगाम, अनंतनाग व पुलवामा से लगभग 500 से अधिक कर्मचारियों ने जम्मू का रुख किया है।
*विस्तार*
श्रीनगर में दो अल्पसंख्यक शिक्षकों की हत्या के बाद फैले दहशत के मद्देनजर अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े कर्मचारियों को 10 दिन का अवकाश दिया गया है। शुक्रवार को अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षक व कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं गए। इस बीच बड़ी संख्या में पीएम पैकेज के तहत नियुक्त कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने ट्रांजिट कैंप छोड़ दिया है। वे सुरक्षित स्थान पर अथवा जम्मू चले गए हैं। कुपवाड़ा में कश्मीरी पंडित शिक्षकों को ऑनलाइन क्लास लेने और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को माइग्रेंट कैंप से काम करने को कहा गया है।
इस बीच स्वास्थ्य विभाग के दो कर्मचारियों को भी माइग्रेंट कॉलोनी की डिस्पेंसरी में अगले आदेश तक काम करने को कहा गया है। श्रीनगर में दो शिक्षकों की हत्या के बाद पीएम पैकेज के तहत 2010-11 में नियुक्त कश्मीरी पंडित कर्मचारियों में दहशत है। इसी भय से बडगाम, अनंतनाग व पुलवामा से लगभग 500 से अधिक कर्मचारियों ने जम्मू का रुख किया है। कुछ गैर कश्मीरी पंडित परिवार भी सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। दक्षिणी कश्मीर के काजीगुंड स्थित वेसू विस्थापित कैंप सुबह से ही पुलिस छावनी में तब्दील दिखा।

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