कांग्रेस ने नतीजों से पहले सजाई फील्डिंग, CM गहलोत उम्मीदवारों से आज लेंगे फीडबैक; बाड़ेबंदी की जिम्मेदारी डीके शिवकुमार के ‘हाथ’ में!

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कांग्रेस ने नतीजों से पहले सजाई फील्डिंग, CM गहलोत उम्मीदवारों से आज लेंगे फीडबैक; बाड़ेबंदी की जिम्मेदारी डीके शिवकुमार के ‘हाथ’ में!

जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे कल यानि 3 दिसंबर को चुनाव आयोग द्वारा जारी कर दिये जाएंगे. जिसे लेकर राजस्थान में कांग्रेस नतीजों से पहले सक्रिय दिखाई पड़ (Congress decorated fielding) रही है. अधिकतर एक्जिट पोल में कांग्रेस को बहुमत के आस-पास दिखाया गया. इस परिस्थिति को भांपते हुए कांग्रेस ने आगे की प्रक्रिया पर विचार करना शुरू कर दिया है.

कांग्रेस को बहुमत का आंकड़ा नहीं मिलने की सूरत में सीएम अशोक गहलोत का प्लान बी पूरी तरह से तैयार है. ऐसे में गहलोत पूरी कोशिश में है कि राजस्थान में रिवाज को तोड़े और राज बरकरार रखे.

कांग्रेस उम्मीदवारों से फीडबैक लेंगे गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज वीसी के ज़रिए (Congress decorated fielding) कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों से चर्चा करेंगे. रात 9 बजे सीएम गहलोत वीसी के जरिए सभी प्रत्याशियों से फीडबैक लेंगे. जिसे बाड़ेबंदी के तौर देखा जा रहा है.

बाड़ेबंदी की जिम्मेदारी डीके के ‘हाथ’

मीडिया संस्थान टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने कर्नाटक चुनाव के दौरान जीत दिलाने वाले कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार को सक्रिय कर दिया है. कांग्रेस ने अपने विधायकों को हॉर्स ट्रेडिंग से बचाने के लिए पार्टी विधायकों की बाड़ेबंदी की जिम्मेदारी डीके शिवकुमार को दी है.

साथ ही कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान में भूपेन्द्र हुड्डा, सांसद प्रमोद तिवारी, सीनियर ऑब्ज़र्वर मधुसूधन मिस्त्री, प्रभारी रंधावा सहित कई नेताओं को नतीजों के बाद की परिस्थितियों को संभालने की जिम्मेदारी दी है.

गहलोत पर किरोड़ी लाल का निशाना

सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बाड़ेबंदी को लेकर सीएम अशोक गहलोत पर (Congress decorated fielding) निशाना साधा. उन्होने कहा कि गहलोत ने बेंगलुरु में दो बड़े रिसॉर्ट बुक किए हैं और तीन दिसंबर को सभी को अंदर बंद कर देंगे और जैसे बंदरों को छोड़ देते हैं, वैसे ही सभी को छोड़ देंगे.

जादूई आंकड़े पाना जरूरी

प्रदेश में इस बार 200 में से 199 सीटों पर चुनाव लड़ा गया. इसलिए राजनीतिक दलों को बहुमत के आंकड़ा पार करने के लिए 90-100 सीटों लाना बेहद जरूरी है. अन्यथा निर्दलीय विधायक से मिलकर सरकार बनाने पर आधारित होंगे. ऐसे में जिस भी जो भी पार्टी इस जादूई आंकड़े को प्राप्त करती है तो उसे ही राजस्थान के रण में विजयी माना जाएगा.

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