किसानों व पशुपालकों की आय व पशुओं की उत्पादन क्षमता कैसे बढ़ाए शोध पत्र पर डा. राहुल सिंह पाल सम्मानित

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बीकानेर,गुरु अंगद देव पशुचिकित्सा और पशुपालन विश्वविद्यालय लुधियाना पंजाब की पशु चिकित्सा और पशुपालन शिक्षा सोसायटी व पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान महाविद्यालय एवं अनुसंधान संस्थान के संयुक्त प्रयास से ओराथन्डू, तमिलनाडू में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

इस सम्मेलन में वेटरनरी विश्वविद्यालय बीकानेर के प्रोफैसर एवं विभागाध्यक्ष पशुपालन प्रसार शिक्षा डा. राहुल सिंह पाल को मुख्य शोधपत्र किसानों व पशुपालकों की आय व पशुओं की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन सरकारी योजनाओं व पॉलिसी के द्वारा कैसे बढ़ाए प्रस्तुत करने हेतु आमंत्रित किया गया। डा. पाल ने इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेकर अपना मुख्य शोधपत्र का वाचन किया, जिसका वहां पर उपस्थित देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने काफी सराहा। डा. पाल ने अपने शोधपत्र में बताया कि प्रतिदिन प्रतिपशु की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए देश की विभिन्न जलवायु के अनुकूल कम लागत से अधिक लाभ देने वाली तकनीक बनाई जाए।

इसके लिए नस्लसुधार के साथ-साथ कम लागत से पशुधन (प्रेम) चारा प्रबंधन पर जोर देना होगा। इसके लिए डा. राहुल सिंह पाल का सम्मानित भी किया गया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के 200 वैज्ञानिकों ने भाग लिया।

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