Some Of My Projects

Design of a mobile app develops

AI Based Social Networks

NFT Buy and Sell Platform

Web Traffic Management

घूसखोर अधिकारी अब तक 6 हजार किसानों से वसूल चुका है 32 करोड़ रुपए, जानिए पूरी खबर

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare


कोटा: राजस्थान के कोटा जिले में भ्रष्टाचार-रोधी ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई अब तक कि सबसे धमाकेदार कार्रवाई में पकड़े गए आईआरएस अफसर से पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे है. IRS अफसर डॉ शशांक यादव अफीम किसानों से उगाही का बड़ा नेटवर्क चला रहा था. जिसके अनुसार यदि कोटा एसीबी उसे नही पकड़ती तो वो 40 हजार किसानों से लगभग 320 करोड़ रुपए की वसूली और करता, जबकि अब तक वह 6 हजार किसानों से 32 करोड़ रुपए अब तक वसूल भी चुका है. घूस और उगाही रकम के ये आंकड़े सुनकर एक बार तो एसीबी भी हैरान रह गई.
गाजीपुर में सरकारी अफीम फैक्टरी में महाप्रबंधक:
आपको बता दें कि राजस्थान ACB ने शनिवार को 38 वर्षीय आईआरएस अधिकारी के वाहन से 16 लाख रुपये बरामद होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोप है कि अधिकारी को यह धनराशि क्षेत्र के अफीम उत्पादक से रिश्वत के रूप में मिली थी. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सरकारी अफीम फैक्टरी में महाप्रबंधक के रूप में तैनात भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी शशांक यादव के पास मध्यप्रदेश के नीमच में अफीम फैक्टरी में भी समान पद का अतिरिक्त प्रभार है. एसीबी ने उन्हें पूछताछ के लिये हिरासत में ले लिया है
कुल 16,32,410 रुपये की नकदी जब्त:
उन्होंने कहा कि यादव कोटा-उदयपुर राजमार्ग पर टोल प्लाजा के पास कोटा हैंगिंग ब्रिज पर यूपी में पंजीकृत उनकी एसयूवी से जब्त की गई कुल 16,32,410 रुपये की नकदी के स्रोत के बारे में विवरण नहीं दे सके. एएसपी (एसीबी, कोटा) चंद्रशील ठाकुर ने कहा कि एसीबी (कोटा) के अधिकारियों को एक गुप्त सूचना मिली कि नीमच अफीम कारखाने के कर्मचारी कथित तौर पर राजस्थान के चित्तौड़, कोटा, झालावाड़ और प्रतापगढ़ क्षेत्रों में अफीम की खेती करने वालों से 60 से 80 हजार रुपये की वसूली कर रहे हैं.
दो लोगों से रिश्वत लेने के बाद जा रहे थे गाजीपुर:
उन्होंने कहा कि राजस्थान के इन क्षेत्रों के किसानों को अपनी अफीम की उपज पड़ोसी राज्य की नीमच अफीम फैक्ट्री में जमा करनी पड़ती है. अधिकारियों को यह भी सूचना मिली थी कि फैक्ट्री के दोनों कर्मचारी बिचौलिए अजीत सिंह और दीपक यादव के जरिए रिश्वत ले रहे थे. एएसपी ने कहा कि आईआरएस अधिकारी यादव इन दो लोगों से रिश्वत लेने के बाद राजमार्ग पर गाजीपुर जा रहे थे. एसीबी पिछले कुछ दिनों से उन पर नजर रख रहा था. गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसीबी की एक टीम ने उस वाहन को रोका जिसमें अधिकारी सुबह करीब साढ़े दस बजे यात्रा कर रहा था.
मिठाई के डिब्बे में पैक किए गए 15 लाख रुपये:
एएसपी ने कहा कि जब वाहन की तलाशी ली गई, तो एसीबी ने मिठाई के डिब्बे में पैक किए गए 15 लाख रुपये और यादव के लैपटॉप बैग और पर्स से 1,32,410 रुपए की अन्य राशि बरामद की. पैसे के स्रोत के बारे में पूछे जाने पर, आईआरएस अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने आगे कहा कि अफीम फैक्ट्री में काम करने वाले अधिकारियों ने करीब 6,000 अफीम उत्पादक किसानों से 30 से 36 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं.

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!