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चीन ने नेवी चीफ को नया रक्षा मंत्री बनाया:4 महीने से पद खाली था; अगस्त से गायब पूर्व डिफेंस मिनिस्टर ली शांगफू हटाए गए थे

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चीन ने नेवी चीफ को नया रक्षा मंत्री बनाया:4 महीने से पद खाली था; अगस्त से गायब पूर्व डिफेंस मिनिस्टर ली शांगफू हटाए गए थे

तस्वीर 62 साल के नए डिफेंस मिनिस्टर डोंग जुन की है। - Dainik Bhaskar

तस्वीर 62 साल के नए डिफेंस मिनिस्टर डोंग जुन की है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने डोंग जुन को नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। लोकल मीडिया के मुताबिक डोंग जुन चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के नेवी चीफ थे।

डिफेंस मिनिस्टर का पद 4 महीने से खाली था। दरअसल, पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू अगस्त से गायब हैं। वो 29 अगस्त के बाद से पब्लिक प्लेटफॉर्म पर नजर नहीं आए थे। इसके बाद अक्टूबर में उन्हें पद से हटा दिया गया था। चीन ने उन्हें बिना कारण बताए हटाया था। वो अभी कहां हैं इसकी जानकारी नहीं है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक शांगफू पर करप्शन के आरोप थे। शांगफू हथियार खरीद से जुड़े मामलों में जांच का सामना कर रहे थे।

तस्वीर चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू की है। उन्हें आखिरी बार 29 अगस्त को बीजिंग में अफ्रीकी देशों के साथ एक सिक्योरिटी फोरम में भाषण देते हुए देखा गया था।

तस्वीर चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू की है। उन्हें आखिरी बार 29 अगस्त को बीजिंग में अफ्रीकी देशों के साथ एक सिक्योरिटी फोरम में भाषण देते हुए देखा गया था।

अमेरिकी सेना के साथ एंगेजमेंट बढ़ाना चीनी रक्षा मंत्री का मुख्य काम
शांगफू पर अमेरिका ने कुछ पाबंदियां लगाई थीं। ऐसी पाबंदियां फिलहाल डोंग जुन पर नहीं लगी हैं। ताइवान और दक्षिण साउथ चाइना सी से जुड़े मसलों पर तनाव कम करने के लिए अमेरिका की सेना के साथ मिलकर काम करना चीन के रक्षा मंत्री का एक महत्वपूर्ण काम है।

जिनपिंग और PLA के लिए जुन इसलिए अहम
2021 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में नेवी चीफ बनने और जनरल रैंक हासिल करने से पहले जुन पूर्वी कमान संभाल रहे थे। यह चीनी नौसेना की सबसे अहम कमान है। बाद में इसे ईस्टर्न थिएटर कमांड कहा जाने लगा। इसकी अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ताइवान को चीन में मिलाने की जिम्मेदारी इसी कमान के पास है।

इसके अलावा जुन दक्षिणी कमान के भी चीफ रह चुके हैं। ये कमान सबसे विवादित समुद्री क्षेत्र ‘साउथ चाइना सी’ या दक्षिण चीन सागर की जिम्मेदारी संभालती है। यहां चीन का फिलीपींस समेत कई देशों से विवाद है और इस वक्त अमेरिकी वॉरशिप भी यहां मौजूद हैं।

चीन में ताकतवर लोगों का लापता होना नई बात नहीं
चीन में ताकतवर लोगों का गायब होना कोई नई बात नहीं है। यह मॉडर्न चीन के संस्थापक माओ के समय से चला आ रहा है। माओ के वक्त में हंड्रेड फ्लावर्स कैंपेन चलाया गया था। इसके तहत लोगों को आलोचना करने की छूट दी गई। साथ ही सिस्टम की खामियों को बताने के लिए कहा गया। इसके बाद कई लोगों ने ऐसा किया, लेकिन जिसने भी यह किया, उसका फिर पता नहीं चला।

यानी उन लोगों को ठिकाने लगा दिया गया। ये माओ की चाल थी। दरअसल, वो अंदरखाने मौजूद अपने विरोधियों की पहचान करना चाहते थे। कहा जा रहा है कि यही चाल शी जिनपिंग भी अपना रहे हैं। चीन में गायब होने वाले लोगों की लिस्ट में एक्टर, एक्टिविस्ट से लेकर स्पोर्ट्सपर्सन तक के नाम शामिल हैं।

फरवरी में चीन के IT सेक्टर में बड़ा नाम माने जाने वाले बाओ फान भी गायब हो गए थे। उनके इन्वेस्टमेंट बैंक चाइना रेनेसां के मुताबिक उन्हें एक सरकारी पड़ताल के सिलसिले में बुलाया गया था, जिसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया था। बाओ फान को चीनी टेक इंडस्ट्री के लिए रेनमेकर माना जाता है।

वे न सिर्फ इंडस्ट्री की सबसे बड़ी कंपनियों के बीच डील कराने के लिए जाने जाते थे, बल्कि उनके इन्वेस्टमेंट बैंक ने कई स्टार्ट-अप्स में निवेश भी किया था। बाओ फान के माता-पिता डिप्लोमैट थे। उन्होंने नॉर्वे में पढ़ाई की और मॉर्गन स्टैनली व क्रेडिट स्युइस जैसे संस्थानों में काम भी किया। 2015 में उन्होंने अलीबाबा और टेनसेंट के कैब हेलिंग प्लेटफॉर्म्स का मर्जर करवाया था।

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