ठहाकों से गूंजा अर्हम परिसर, ऑनलाइन व नोटबंदी पर व्यंग्य के चले तीर,अर्हम् इंग्लिश एकेडमी का पांचवे आयोजन हास्य कवि सम्मेलन ने दर्शकों को गुदगुदाया

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ठहाकों से गूंजा अर्हम परिसर, ऑनलाइन व नोटबंदी पर व्यंग्य के चले तीर
अर्हम् इंग्लिश एकेडमी का पांचवे आयोजन हास्य कवि सम्मेलन ने दर्शकों को गुदगुदाया


बीकानेर। साहित्यिक, रंगकर्म, लेखन व काव्य संबंधी विधाओं का जीवन में अलग ही महत्व है। सृजन करते रहना ही मानव की पहचान है। उक्त विचार युवा समाजसेवी एवं उद्योगपति रामरतन धारणिया ने सोमवार को नोखा रोड स्थित अर्हम् इंग्लिश एकेडमी में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन में व्यक्त किए। संस्था सचिव सुरेन्द्र कुमार डागा ने बताया कि अर्हम् इंग्लिश एकेडमी अपना 25वां वर्ष 25 कार्यक्रमों के साथ मना रही है। इसी क्रम में 4 अप्रेल को सायं 6 बजे हास्य कवि सम्मेलन शाला परिसर में आयोजित किया गया। कवि सम्मेलन में मध्यप्रदेश से आशु कवि भैरु सुनार ने मुक्तक सुनाए और झालावाड़ से सबरस कवि डॉ. कुमार महेश ने कविता पाठ किया। हास्य कवि मनोहर मन्नु पाटीदार ने हास्य का ऐसा समां बांधा की परिसर ठहाकों से गूंज उठा। स्थानीय कवि मनीषा आर्य सोनी ने सुमधुर गीत व गजल की प्रस्तुति दी। हास्य कवि बाबूलाल छंगाणी ने नोटबंदी व ऑनलाइन पर व्यंग्य कर सम्मेलन का रंग जमाया। शंकर सिंह राजपुरोहित ने राजस्थानी में काव्य पाठ किया। जुगलकिशोर पुरोहित व शिव दाधीच ने गीत व गजल के साथ हास्य-व्यंग्य के तीर चलाए। संजय आचार्य ने काव्य पाठ के साथ ही कवि सम्मेलन का संचालन भी किया। शाला एमडी रमा डागा ने बताया कि मुख्य अतिथि समाजसेवी रामरतन धारणिया, प्रोफेसर मोतीलाल व युवा उद्योगपति संदीप नौलखा का स्मृति चिह्न से सम्मान किया गया। कवियों व अतिथियों का सम्मान झंवरलाल गोलछा, भीखमचंद सामसुखा (गुवाहाटी), जिनेश कांकरिया (बालोतरा), पवन भोजक, महेन्द्र स्वामी, विक्की सैनी द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्था सचिव सुरेन्द्र कुमार डागा एवं एमडी रमा डागा का माइन्स के पूर्व अध्यक्ष दिनेश काकड़ा द्वारा माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन ज्योतिप्रकाश रंगा द्वारा किया गया। गौरतलब है कि अर्हम् इंग्लिश एकेडमी 14 माह तक निरन्तर 25 आयोजन करके विश्व रिकॉर्ड की ओर अग्रसर हो रही है। अर्हम् वर्ष का आगाज विगत 27 जनवरी को धर्माचार्यों के मंगल संदेश के साथ हुआ, जिसके बाद प्रतिभा सम्मान, पर्यावरण संदेश, 751 दीपक से अर्हम् वर्ष रोशन किया गया तथा इसी क्रम में 4 अप्रैल को कवि सम्मेलन का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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