
धौलपुर: पूर्वी राजस्थान में हो रही जोरदार बारिश के बाद एक बार फिर से चंबल नदी अपने पूरे उफान पर वह रही है. वर्ष 2019 के बाद एक बार फिर से चंबल नदी एनएच 3 पर बने पुराने पुल को पार कर चुकी है. वर्तमान में चंबल नदी खतरे के निशान से लगभग 13 मीटर ऊपर बह रही है जिसके चलते चंबल नदी से सटे तकरीबन 50 से अधिक गांव में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं.
सवाई माधोपुर, टोंक, करौली और बारां जिले के अलग-अलग बांधों से छोड़े जा रहे पानी की वजह से जिले भर के अलग-अलग इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं मंगलवार सुबह से ही चंबल नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दिया जिसके चलते जिला प्रशासन ने पहले ही अलर्ट कर दिया था.
सुबह 8 बजे चंबल नदी का जलस्तर 143 मीटर दर्ज किया गया:
दूसरे जिलों से लगातार हो रहे पानी की आवक की वजह से सुबह 8 बजे चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान 130.79 मीटर से बढ़कर 143 मीटर दर्ज किया गया. जिले भर के तकरीबन 50 से अधिक बाढ़ से प्रभावित गांव में जिला प्रशासन ने रेस्क्यू टीम को भेजा है. इसके अलावा जिला कलेक्टर राकेश जायसवाल और एसपी केसर सिंह शेखावत लगातार नजर बनाए हुए हैं.















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