पाकिस्तान से आए हिंदुओं के घरों पर प्रशासन की कार्रवाई, लेकिन चर्चा टीना डाबी की क्यों?
राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान से आए हिंदुओं के घरों पर बुलडोज़र चलाए जाने की ख़बरों के बीच आईएएस अधिकारी टीना डाबी की चर्चा हो रही है.



टीना डाबी बुधवार को सोशल मीडिया पर भी कुछ वक़्त के लिए टॉप ट्रेंड्स में रहीं.

दरअसर जैसलमेर में पाकिस्तान से आकर रह रहे हिंदुओं के घरों पर प्रशासन ने बुलडोज़र से कार्रवाई की है.
प्रशासन का कहना है कि ये कार्रवाई अतिक्रमण को ख़त्म करने के लिए की गई है.
यूआईटी यानी अर्बन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, “कलेक्टर के आदेश पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. यह ज़मीन यूआईटी की है, यहां 28 पाकिस्तानी विस्थापितों ने कच्ची झोपड़ियां बनाई हुई थीं.”
जैसलमेर के तहसीलदार प्रेम सेहरा ने कहा है, “पाकिस्तानी से आए हिंदुओं ने अमर सागर के पास यूआईटी की ज़मीन पर 28 जगह कब्जा कर रखा था. बीते पांच अप्रैल को भी कार्रवाई की गई थी. सोमवार को जगहों की पहचान की गई और मंगलवार को बुल्डोजर से अतिक्रमण हटाया है.”
प्रेम सेहरा ने आरोप लगाया, “पाक विस्थापित ज़मीनों पर इसी तरह झोपड़ी बनाकर या पत्थरों को रखकर कब्जा करते हैं और आगे चलकर दस-बीस हज़ार रुपए में बिना कागज के बेच देते हैं.”
तहसीलदार सेहरा ने बताया, “जब हम पहले गए तब वहां कोई नहीं था. लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही वहां मंगलवार को लोग आ गए. हालांकि हमने अतिक्रमण हटा दिया है.”
गहलोत सरकार पर साधा निशाना
पाक विस्थापितों के लिए काम करने वाली संस्थान लोक सीमांत संगठन के अध्यक्ष हिंदू सिंह सोढ़ा ने कहा, “प्रशासन के आरोप निराधार हैं. पाकिस्तान से आए हिंदुओं को नागरिकता नहीं मिलने तक रहने के लिए ज़मीन तक नहीं मिलती. इन लोगों पर प्रशासन गलत तरह से कार्रवाई करता है. हम इस मामले को लेकर गुरुवार को गृह विभाग के अतिरिक्त शासन सचिव से मुलाकात करेंगे.”
इस मामले में हमने जैसलमेर कलेक्टर टीना डाबी से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन ख़बर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया है.
राजस्थान बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष डॉ सतीश पूनिया ने अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा है.
डॉ पूनिया ने कहा है, “तुष्टीकरण के सरताज गहलोत सरकार ने पहले जोधपुर और अब जैसलमेर में भी पाक-विस्थापित हिंदू शरणार्थियों के घरों पर बुलडोज़र चलवा कर उन्हें पुनः बेघर कर दिया. इस अमानवीय और असंवेदनशील कृत्य के जरिए मुख्यमंत्री जी न जाने किसे और क्या संदेश देना चाहते हैं. मुखिया जी, तुष्टीकरण की राजनीति बंद करिए और पुनः इन हिंदुओं के बसने की व्यवस्था करिए.”
अप्रैल महीने में जोधपुर के गंगाना में भी क़रीब सवा सौ आबादी के घरों पर भी जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने बुलडोज़र चलाया था.
जेडीए ने उस कार्रवाई को भी सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण बताया था.







