पुस्तक एवं फोटो प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ ही आगाज हुआ हरीश भादानी: स्मृतियों के वातायन से कार्यक्रम का

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       बीकानेर। अजित फाउण्डेशन द्वारा हरीश भादानी पर साप्ताहिक कार्यक्रम का आगाज पुस्तक एवं फोटो प्रदर्शनी के साथ किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन वरिष्ठ कवि सरल विशारद, वरिष्ठ चित्रकार सन्नू हर्ष एवं सामाजिक कार्यर्कता कविता व्यास के कर कमलों द्वारा किया गया।

     पुस्तक एवं फोटो प्रदर्शनी के उद्घाटन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कवि सरल विशारद ने कहा कि हरीश भादानी की कविताओं एवं गीतों से हमें प्रेरणा मिलती है। भादानी जैसे विरले व्यक्ति हमें अपने जीवन में बहुत कम मिलते है। वह हमेशा साहित्य साधक एवं सजृनशील रहे। सरल हर्ष ने उनके साथ ‘‘वातायन’’ पत्रिका को प्रकाशन को लेकर अपनी स्मृतियों को ताजा किया। हर्ष ने बताया कि हरीश भादानी ने वातायन पत्रिका के प्रकाष्श्न करने से कई बड़े साहित्यकारों का बीकानेर से जुड़ाव हुआ तथा उनका बीकानेर की धरती से जुड़ाव हुआ।
       इसी क्रम में वरिष्ठ चित्रकार सन्नू हर्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि उन्होंने हरीश भादानी की कई पुस्तकों के आवरण पृष्ठ हेतु अपनी कलम चलाई। हर्ष ने कहा कि हरीश भादानी एक साहित्यकार के साथ-साथ कलाकार, शिल्पकार एवं नेता भी थे। वह अपने कार्य के प्रति इतने सचेत थे कि उनको पुस्तक प्रकाशन या पत्रिका प्रकाशन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखना चाहते थे।

     इसी अवसर पर समाजिक कार्यकर्ता अविनाश व्यास ने हरीश भादानी के कई अनछुए पहलूओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा लिखी गई कविताएं एवं गीत आज भी कई आन्दोलनों में गाये जाते है। उन्होंने बताया कि हाल ही में चल रहे किसान आन्दोलन हरीश भादानी द्वारा कृत गीत ‘‘रोटी नाम सत है....’’ के कई पोस्टर लगे तथा मंचों पर गाया गया। अविनाश व्यास ने बताया कि हरीश भादानी भाषा के प्रति बहुत समपर्ण रहे तथा उनके गीतों की मौलिकता में इसको साफ देखा जा सकता है।
        *साप्ताहिक इस कार्यक्रम की कड़ी में दिनांक 22 दिसम्बर 2024 को सायं 5 बजे हिन्दी राजस्थानी के मूर्धन्य साहित्कार मालचंद तिवाड़ी का ‘‘हरीश भादानी: स्मृतियों के वातायन से’’ विषय पर संस्था सभागार में संवाद आयोजित होगा।*

      कार्यक्रम अवसर में राजाराम स्वर्णकार, जाकिर अदीब, मौ. फारूक, शकूर बीकानेरी, कविता व्यास, प्रेम नारायण व्यास, गणेश सुथार, सहित कई युवा युवतियां उपस्थित रही।

कार्यक्रम का संचालन संस्था समन्वयक संजय श्रीमाली ने किया।

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