‘प्रेम रामायण’ के साथ बीकाणा रंग महोत्सव का हुआ समापन

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‘प्रेम रामायण’ के साथ बीकाणा रंग महोत्सव का हुआ समापन
बीकानेर, 1 मई। बीकानेर नगर स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित पहले बीकाणा रंग महोत्सव का रविवार को समापन हुआ। चौथे और अंतिम दिन मुम्बई के कलाकारों द्वारा ‘प्रेम-रामायण’ नाटक की संगीतमय प्रस्तुति दी गई। मुम्बई के रंगकर्मी अतुल सत्य कौशिक के निर्देशन में कलाकारों ने अपने गीत-संगीत से अपनी छाप छोड़ी। वाल्मीकि रामायण के प्रेम और करुणा के भावों को आधार बना नाटककार और निर्देशक कौशिक ने प्रेम रामायण की रचना की है।
इस नाटक में रामायण महाकाव्य के अलग अलग संस्करणों, लोक कथाओं और गीतों से कुछ प्रेम कथाओं को लिया जाकर इन्हें नए दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया है। नाटक बहुत से प्रश्नों के जवाब भी देता हुए आगे बढ़ा। नाटक में अर्जुन सिंह, सुष्मिता मदान, विशाखा त्यागी, दिव्या, सोनम और अर्चना ने अभिनय किया। संगीत अनिक शर्मा, गायन लतिका जैन और प्रकाश प्रभाव तरुण डांग का था।
अंतिम दिन के नाटक को देखने बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन की पहल पर बीकानेर स्थापना दिवस के अवसर पर पहली बार यह महोत्सव आयोजित किया गया। जिसके तहत चार दिन अलग अलग नाटक मंचित हुए। दर्शकों ने इसे बेहद पसंद किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक योगेश यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मौजूद रहे।
इस दौरान रंगकर्मी प्रदीप भटनागर, जयदीप उपाध्याय, भगवती स्वामी, नवल किशोर व्यास, विकास शर्मा, गोपाल सिंह चौहान, ललित जोशी, अमित गोस्वामी, असित गोस्वामी, अशोक रंगा, अरुण व्यास आदि मौजूद रहे। संजय पुरोहित ने नाटक की परिकल्पना के बारे में बताया।

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