
बीकानेर। कांग्रेसी पार्षद के पति मघाराम भाटी की मृत्यु के मुआवजे और समझौते को लेकर महापौर सुशीला कंवर, प्रशासन व बिजली कंपनी के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता समाप्त।
वार्ता में समझोते की आस पर अंतिम निर्णय के लिए बिजली कंपनी ने मांगा दो दिन का समय।
उल्लेखनीय है कि दो दिनों से पार्षदों द्वारा किए जा रहे विरोध, शांतनु भट्टाचार्य का मुंह काला करने व पार्षदों पर मुकदमे के बाद आज शाम 6 बजे महापौर के नेतृत्व में वार्ता तय हुई थी। जिसमें अस्सी पार्षदों की तरफ से महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित, प्रशासन की तरफ से एडीएम बलदेव राम धोजक, बिजली कंपनी की तरफ से सीओओ शांतनु भट्टाचार्य, मृतक मघाराम के पिता आदूराम व उनके तीन परिजनों सहित विक्रम सिंह राजपुरोहित, त्रिलोकी कल्ला तथा कंपनी के अधिकारी बैठे।
वार्ता में महापौर ने मघाराम के परिजनों को 20 लाख रुपए मुआवजा तथा उनके पुत्र को कंपनी में 15 हजार रुपए प्रतिमाह की नौकरी की मांग रखी। कंपनी ने नौकरी की मांग स्वीकार कर ली। वहीं मुआवजे पर पांच लाख की सहमति भी दी। जबकि महापौर 20 लाख रूपए मुआवजे पर अड़ी रहीं। इस पर भट्टाचार्य ने कहा कि उनके पास अधिकतम पांच लाख मुआवजा देने के ही अधिकार हैं। अंतिम रूप से कंपनी ने दो दिन का समय मांगा। अब कंपनी अपने आलाकमान से बात कर दो दिन में प्रशासन को लिखित जवाब देगी।
महापौर ने कहा कि 20 लाख रूपए मुआवजा स्वीकृत ना होने की स्थिति में सभी बीजेपी, कांग्रेस व निर्दलीय पार्षदों द्वारा आंदोलन किया जाएगा।




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