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बीकानेर में ‘चिल्ड्रन फेस्टिवल- आजू गूजा’ का आगाज़ 22 फ़रवरी को

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जिला प्रशासन, नगर निगम एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण की पहल से बीकानेर के छोटे बच्चों के लिए लग रहा सबसे बड़ा ज्ञानवर्धक मेला
बीकानेर, 20 फरवरी। बीकानेर के तीन से चौदह साल तक के बच्चों के लिए आयोजित किये जा रहे पहले भव्य चिल्ड्रन फेस्टिवल ‘आजू गूजा’ का उद्घाटन 22 फरवरी को सुबह 10 बजे रेलवे ग्राउंड में होगा। जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की पहल पर 22 और 23 फरवरी को आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय चिल्ड्रन फेस्टिवल में देश भर से बच्चों के लिए पपेट्री, स्टोरी टेलिंग, थिएटर, चित्रकला, माइम, पॉटरी मेकिंग, ऑरिगेमी, क्लाउन, जादूगर, ब्रेन टीज़र, वेंट्री लोकिस्ट, कावड़, बॉयोस्कोप, फोक म्यूजिक एवं नृत्य के अलावा 50 से अधिक परफार्मिंग आर्टिस्ट बीकानेर आएंगे।
जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने जानकारी दी कि उद्घाटन कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ड्रम सर्किल का प्रदर्शन रहेगा जिसमे एक साथ 50 बच्चे अफ्रीकन ड्रम जेम्बे को बजायेंगे। इस कार्यक्रम के लिए जयपुर से मनु और श्रेया की टीम जयपुर से आ रही है। इसके अलावा दिल्ली के दीपांकर रैना एक साथ 200 से अधिक बच्चों को ‘आजू गूजा’ गाने पर रोचक डांस और गीत गाएंगे। उद्घाटन में जयपुर से थिएटर ग्रुप अनुरंजन एवं उनके साथी “उपहार” नाटक की प्रस्तुति देंगे। दिल्ली से आ रही कठपुतली कलाकार जयश्री हाथों की कठपुतली का भी प्रदर्शन करेगी।
बीकानेर नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष ने बताया कि इस फेस्टिवल में पहली बार छोटे बच्चों के लिए विशेष पुस्तकों का प्रकाशन करने वाले प्रमुख प्रकाशक फेस्टिवल में भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम, नेशनल बुक ट्रस्ट, एकलव्य, अमर चित्र कथा, आदिदेव, राजकमिक्स, कॉलास्टिक सहित अनेक प्रकाशक तीन हजार से ज्यादा शीर्षक की किताबें लाएंगे। बच्चों के पढ़ने के लिए रीडिंग कार्नर भी बनाया जाएगा। बुक फेयर में बच्चों की किताबें लिखने वाले लेखकों के साथ ऑथर इंटरेक्शन का भी कार्यक्रम होगा जिसके लिए दिल्ली से बाल लेखक शिराज़ को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. वो बच्चों की कहानियों का भी वाचन करेंगे।
बीकानेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त अपर्णा गुप्ता ने जानकारी दी की फेस्टिवल के पहले दिन बच्चों के लिए ग्लास पेंटिंग, पेबल पेंटिंग, पेपर बेग एम्बॉसमेंट के लिए सुनीता कपूर, पॉटरी एवं क्ले मॉडलिंग के लिए वृद्धि पटेल अहमदाबाद से, डूडलिंग के लिए नम्रता दिल्ली से, रॉक बैलेंसिंग के लिए भाविक गुजरात से और भारत के सबसे प्रशिद्ध ओरिगामी कलाकार सार्थक लूथरा को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, इसके अलावा पेपर क्विलिंग, कैलीग्राफी, ब्लॉक प्रिंटिंग, स्क्रीन प्रिंटिंग, बंधेज, उस्ता कला, क्लॉथ पेंटिंग, स्टेम एजुकेशन, फेस पेंटिंग, कैरीकेचर, चारपाई मेकिंग की भी कार्यशालाएं आयोजित होगी।
फेस्टिवल में बच्चों के लिए उधम ओलम्पिक का भी विशेष कोना रखा गया है जिसमे बच्चे पारम्परिक खेल खेलेंगे। बच्चों के लिए वॉल क्लाइम्बिंग की भी व्यवस्था रखी गयी है। बच्चों के मनोरंजन के लिए जोधपुर के युवा लोक कलाकार दिगपाल सिंह राठौड़ बच्चों को पुराने लोक भजन गिटार पर सिखाएंगे। इसके साथ साथ लॉन्ग मेन, जादूगर, रावण हत्था जैसे अनेक कार्यक्रम मेले में आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

आर्ट और पेंटिंग कार्यशाला में बच्चे बिखेरेंगे कल्पनाओं के रंग
फेस्टिवल में आने वाले बच्चों के लिए आर्ट और पेंटिंग के लिए विशेष आयोजन कियाजा रहा है। इसमें बच्चे विभिन्न माध्यमों से अपनी कल्पनाशीलता से पेंटिंग और आर्ट बना सकते हैं। कैनवास, पेपर और डूडलिंग के माध्यम से छोटे बच्चों के लिए 10 से अधिक कला विशेषज्ञों को जोड़ा गया है, जो बच्चों के साथ मिलकर पेंटिंग की कार्यशाला का आयोजन करेंगे।

तीन से 14 साल तक के बच्चों की ही होगी एंट्री
फेस्टिवल में माता-पिता या अभिभावक बच्चों के साथ ही प्रवेश ले सकेंगे। वयस्कों को अलग से प्रवेश नहीं मिलेगा। यह फेस्टिवल 3-14 साल तक के बच्चों के लिए ही आयोजित किया जा रहा है। इसलिए वयस्क, माता पिता या अभिभावक बच्चों के साथ ही प्रवेश कर पाएंगे। स्कूल की ओर से आने वाले बच्चों की एंट्री की व्यवस्था अलग से रहेगी।
फेस्टिवल संयोजक रितिका बीदावत ने जानकारी दी कि बच्चों के इस फेस्टिवल में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि बच्चों के खाने के लिए किसी भी तरह के प्रोसेस्ड पिज़्ज़ा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक इत्यादि जंक फ़ूड को प्रमोट नहीं किया जाएगा। बाजरे और मिलेट से बनी घरेलू और पौष्टिक खाने की चीज़ों की स्टाल्स बच्चों के लिए उपलब्ध रहेगी। वहीँ पीने के लिए निम्बू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थों का भी इंतज़ाम रहेगा।
रेलवे ग्राउंड को कार्निवल की तरह दिया जायेगा। विशेष लुक
मलंग फोक फाउंडेशन की प्रोजेक्ट डायरेक्टर निकिता तिवाड़ी ने बताया कि फेस्टिवल की पूरी सजावट की थीम बच्चों के मनोरंजन और उनकी रचनात्मकता को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन की गयी है। पूरे स्टेडियम को रंग बिरंगे इंस्टालेशन से तैयार किया जायेगा ताकि बच्चों के मनोरंजन और उनकी कल्पनाशीलता को और निखरने का मौका मिले।

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