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महाजन फील्ड फायरिंग रेज में गूंजी तोपें, भारत-ओमान सेना का युद्धाभ्यास

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*गांव में घुसे आतंकियों को जवानों ने किया ढेर!:महाजन फील्ड फायरिंग रेज में गूंजी तोपें, भारत-ओमान सेना का युद्धाभ्यास*
गांव में आतंकी घुस गए और लोगों काे बंधक बना लिया। लोगों को छुड़ाने के लिए सेना ने मोर्चा संभाला। 15 मिनट के ऑपरेशन में सेना ने आतंकियों को ढेर कर दिया और लोगों को मुक्त कराया। यह सब हुआ शुक्रवार को बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में। यहां भारत-ओमान की सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास चल रहा है। दोनों देशों की सेनाओं ने तालमेल दिखाते हुए एक सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया।दरअसल, पिछले पंद्रह दिनों में भारत और ओमान की सेनाओं ने एक दूसरे से जो भी सीखा, उसका आज प्रदर्शन किया गया। दोनों देशों ने एक दूसरे के हथियारों की तकनीक सीखी और फिर उन पर हाथ भी आजमाया। रेंज में कहीं तोपें गरज रही थीं तो फायरिंग की आवाज आ रही थी।

आतंकियों को जवानों ने किया ढेर!महाजन फील्ड फायरिंग रेज में गूंजी तोपें,भारत-ओमान सेना का युद्धाभ्यास

*आतंकियों पर हमला*
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में प्रदर्शन के लिए चिड़ासा गांव बसाया हुआ है। युद्धाभ्यास के दौरान बताया गया कि किस तरह लोगों को आतंकियों से मुक्त कराया जाता है। करीब पंद्रह मिनट के एक ऑपरेशन के दौरान भारतीय हेलिकॉप्टर उड़ता हुआ टारगेट के पास पहुंचा, इस हेलिकॉप्टर से जवान नीचे उतरे। साथ ही टैंकों से उस टारगेट को घेर लिया गया। जवानों ने मौके पर पहुंचकर दो जगह छिपे आतंकियों को ढेर कर दिया।

*भारतीय टैंक, हेलिकॉप्टर और तकनीक*
अभ्यास के दौरान भारत के युद्ध हेलिकॉप्टर, टैंक और राडार तकनीक के बारे में भी जानकारी दी गई। भारतीय जवानों ने बताया कि किस तरह से क्षमता से ज्यादा दूरी तक वार करके दुश्मनों को उड़ाया जा सकता है।

*भारत-ओमान सेना के बीच 4 युद्धाभ्यास*
भारत और ओमान के बीच ये चौथा युद्धाभ्यास था, जिसमें दो ओमान में हो चुके हैं। भारत में भी एक पहले हो चुका है। पंद्रह दिन के युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय जवानों ने अपने अत्याधुनिक हथियारों की ओमान के जवानों को जानकारी दी। भारतीय जवानों के हाथ में इन दिनों 7.62mm सिग सॉयर असॉल्ट राइफल, 5.56mm इंसास एलएमजी, 84mm आरएल, 7.62 एमएमजी,नजर आ रही है, जिसने पुरानी गन की जगह ली है।
इस गन की क्षमता करीब सौ मीटर तक टारगेट को खत्म करने की है। वहीं ओमान की रॉयल आर्मी के जवानों ने भी निशाने साधे। ये गन भारतीय गन का मुकाबला तो नहीं करती, लेकिन इसकी मारक क्षमता भी सौ मीटर के आसपास ही है।

*यूनाइटेड नेशन में काम आता है अभ्यास*
सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर जितेश ने बताया कि इस तरह का अभ्यास करके हम न सिर्फ अपनी तकनीक से ओमान को अवगत करा रहे हैं, बल्कि उनकी तकनीक भी सीख रहे हैं। आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए जिस दिन दोनों देशों को मिलकर काम करना होगा, तब ये अभ्यास काफी काम आएगा।

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