
नागौर।एस.बी.आई. बैंक वाली गली मेडता रोड तहसील मेड़ता जिला नागौर निवासी महिला ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी उनके पति मोहम्मद हुसेन की एक दुकान पर उनका मकान भी बना हुआ है, जिसमें वे तथा उनके पति व परिवार वाले निवास करते है। जिसे पूर्व में उन्होंने और उनके पति मोहम्मद हुसैन ने राणाबाई बैंकरी वालों को किराये पर दे रखी थी, बाद में दुकान में उनके पति ने स्वयं के उपयोग व उपभोग के लिये रख ली।बाद में वे इस दुकान का नियमित रूप से उपयोग या उपयोग व देखरेख करते आ रहे थे लेकिन गत 29जुलाई को मध्य रात्रि करीब 3-4 बजे उनकी उक्त दुकान में लक्ष्मणसिंह पुत्र भोपालसिंह, जाति रावणा राजपुत, निवासी मेहतारोड़, तहसील मेड़ता जिला नागौर, सुनील विश्नोई पुत्र खैराज जाखड़, जाति विश्नोई, निवासी मेड़तारोड, तहसील मेड़ता जिला नागौर, प्रवीण संवग पुत्र कालुजी जाति सेव, निवासी मंडलारोड, तहसील मेड़ता, जिला नागौर रवि जाया तथा मुकेश जावा, दोनों जाति मेहत्तर, निवासीगण मेड़तारोड, तहसील मेडता,जिला नागौर तथा अन्य पुरुष महिलाएं जिन्हे वे शक्ल से जानती है, नाम पता नहीं पहचानती हूँ उन्होंने मुलजिमान रूप से प्रवेश कर उपरोक्त दुकान के शटर के लगे हुए वालों को तोड़कर वे सभी दुकान में घुस गए।
उसके बाद जब उनके पति सुबह 29जुलाई को 8 बजे जब अपनी दुकान पर गये तो मौके पर दुकान के ताले टूटे हुए थे और शटर ऊपर किया हुआ था तथा वहां पर मुलजिमान मौके पर दुकान में शराब पी रहे थे और इनके पास हाथों में लाठीया व सरिये थे।उन्होंने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया है कि वे तथा उनके पति जैसे ही दुकान के पास पहुंचे और इन सभी गुलजिमान ने उनके तथा उनके पति के साथ गाली गलौच करने लगे तो इन सभी मुलजिमान को उन्होंने और उनके पति ने गाली गलौच करने से मना किया तो मुलजिम लक्ष्मणसिंह ने जो शराब पिया हुआ था, उसने उनकी लज्जा भंग कर दी तथा उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया साथ ही उनके और उनके पति के साथ लड़ाई-झगड़ा व मारपीट करने लग गये और धमकी देकर कहने लगे की तुझे व तेरे पति को जान से खत्म कर देंगे जबकि उपरोक्त दुकान का मै व मेरे पति पीढ़ियों से उपयोग उपभोग करते आ रहे है तथा मेरे ससुर के ही नाम थी और मेरे ससुर के पश्चात में उनके पति ही उक्त दुकान का उपयोग व उपयोग कर रहे है लेकिन इन सभी मुलजिमान ने अवैध समूह बनाकर नाजायज रूप से उन्होंने दुकान पर रात्रि को कब्जामें रखा तथा सामान भी चुरा लिया है। वे जब उक्त घटना की रिपोर्ट अपने पति के साथ दर्ज करवाने के लिये गई, तब पुलिस थाना की गाड़ी मौके पर आयी और ए.एस.आई. सुरेन्द्र मीणा ने उल्टा उन्हे और उनके पति को थाने में ले जाकर बैठा दिया और मुलजिमान से हमारी दुकान पर ताले लगवाकर उनकी दुकान की चाबी मुलजिमान लक्ष्मणसिंह वगैराह को सुपुर्द कर दी और उनकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की।
उन्होंने पुलिस के इस व्यवहार पर सख्त रुख दिखाते हुए तत्काल दोषियों के विरुद्ध कारवाही करने और दुकान का कब्जा वापिस दिलवाने की मांग की है।












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