रणथम्भौर में दो बाघ भाइयों की लड़ाई:अपने वर्चस्व के लिए लड़े बाघ टी-121 और टी-120, दोनों की तलाश में वन विभाग

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रणथम्भौर में दो बाघ भाइयों की लड़ाई:अपने वर्चस्व के लिए लड़े बाघ टी-121 और टी-120, दोनों की तलाश में वन विभाग

सवाई माधोपुर

घायल बाघ टी-121 - Dainik Bhaskar

घायल बाघ टी-121

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में एक बार फिर दो बाघों में टेरिटोरियल फाइल देखने को मिली है। ये दोनों भाई हैं। दोनों को रणथम्भौर के जोन नम्बर चार में अपने वर्चस्व के लिए लड़ते हुए देखा गया।

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के गाइडों के अनुसार मंगलवार शाम को रणथम्भौर के जोन नम्बर चार में बाघ टी-121 और बाघ टी-120 को देखा गया। अचानक दोनों ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया। दोनों भाई इलाके में अपने वर्चस्व के लिए आमने-सामने हो गए।

रणथम्भौर के जोन नम्बर चार में युवा बाघों के बीच टेरिटोरियल फाइट देखने को मिली है।

रणथम्भौर के जोन नम्बर चार में युवा बाघों के बीच टेरिटोरियल फाइट देखने को मिली है।

बाघ टी- 121 घायल
दोनों बाघ करीब 10 से 15 मिनट तक लड़ते रहे। हमले में बाघ टी-121 घायल हो गया। गाइड और पर्यटकों ने वनाधिकारियों को दी। सूचना पर रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के DFO मोहित गुप्ता ने वेटरनरी डॉक्टर्स की टीम को अलर्ट किया।

बाघों की मॉनिटरिंग में जुटी वन विभाग की टीम
DFO मोहित गुप्ता का कहना है कि वेटरनरी डॉक्टर्स और वन विभाग की टीम दोनों बाघों की मॉनिटरिंग में जुटी हुई है। फिलहाल वन विभाग की टीम बाघों को ट्रैक नहीं कर सकी है। इस कारण बाघ को कितनी चोट आई है, ये कहना संभव नहीं है। बाघ को ट्रैक करने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

दोनों रणथम्भौर के युवा बाघा
बाघ टी-120 और बाघ टी-121 दोनों भाई है। जिनकी उम्र करीब 7 साल है। दोनों बाघ रणथम्भौर के युवा बाघ है। जो नॉन टूरिज्म इलाके से टेरेटरी बनाने के लिए टूरिज्म इलाके में आए है।

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