NATIONAL NEWS

राखी आत्मोत्थान की कुंजी एवं दिव्य गुणों की पूंजी-बी.के.कमल,प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संभागीय केन्द्र में रक्षा बंधन पर कार्यक्रम आयोजन

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare


बीकानेर, 30 अगस्त। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संभागीय केन्द्र सार्दुलगंज में बुधवार को रक्षा बंधन का मुख्य पर्व मनाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों के ललाट पर कुमकुम, अक्षत से मंगल तिलक कर, शुभ संकल्प पत्रक प्रदान किया गया रक्षा सूत्र बांधा गया।
संस्थान की संभागीय प्रभारी बी.के.कमल, बी.के. राधा, मीना, रजनी, राजश्री आदि ने केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, संभागीय आयुक्त उर्मिला राजोरिया पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्व विद्यालय के उपकुलपति, डॉ. सतीश कुमार गर्ग, उद्योगपति शिव रतन अग्रवाल, महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सक्सेना सहित करीब 400 बंधुओं के रक्षा का सूत्र बांधा गया।
संभागीय प्रभारी बी.के.कमल ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक, धार्मिक रहस्य व लोकिक परम्परा का पर प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन पर्व पर मन, वचन व कर्म से सम्पूर्ण पवित्र बनने का दृढ संकल्प लें। वाचा, मनसा व काया से किसी आत्मा को दुःख व तकलीफ नहीं पहुंचाएं। सबसे दुआ व आशीर्वाद ले तथा सबके प्रति मंगल व शुभ भावना रखें। मानव शरीर में व्याप्त अशरीरी आत्म-परमात्मा को पहचान कर साधना, आराधना, राजयोग ध्यान व भक्ति करें।
उन्होंने कहा कि कलाई पर शोभायमान रक्षा सूत्र रेशम की डोरी की शक्ति बेजोड़ है। यह राखी आत्मोत्थान की कुंजी एवं दिव्य गुणों की पूंजी है। सर्वगुणों को जीवन में धारण करना, अपने अवगुणों, बुराइयों को दूर करना इस पर्व का मुख्यसंदेश है। स्व- परिवर्तन की अलख जगाना परमात्मा का दिव्य उपदेश है। यह कोमल बंधन आध्यात्मिकता से ओतप्रोत तथा परमात्म शक्तियों का स्त्रोत है।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
error: Content is protected !!