राजस्थान के एडीजी रवि गांधी बीएसएफ ईस्टर्न कमान प्रमुख नियुक्त:बांग्लादेश से सटे करीब 4 हजार किमी लंबे बॉर्डर को करेंगे मैनेज, दो सब ट्रेनिंग सेंटर भी अधीन

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राजस्थान के एडीजी रवि गांधी बीएसएफ ईस्टर्न कमान प्रमुख नियुक्त:बांग्लादेश से सटे करीब 4 हजार किमी लंबे बॉर्डर को करेंगे मैनेज, दो सब ट्रेनिंग सेंटर भी अधीन

जोधपुर

बीएसएफ ने अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) रवि गांधी को कोलकाता स्थित बीएसएफ की ईस्टर्न कमान का प्रमुख नियुक्त किया गया हैं। गांधी मारवाड़ के रहने वाले हैं और जोधपुर स्थित बीएसएफ फ्रंटियर मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

गांधी ने भास्कर को बताया कि वे जल्द ही पदभार ग्रहण करेंगे। उनकी पहली प्राथमिकता इस प्रभावी बॉर्डर के मैनेजमेंट की होगी। उन्होंने बताया कि ईस्टर्न कमान के अधीन बांग्लादेश से सटे करीब 4 हजार किमी लंबी बॉर्डर और उसकी निगरानी रखने वाले छह फ्रंटियर शामिल हैं।

इनमें साउथ बंगाल, नॉर्थ बंगाल, गुवाहाटी, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम और कच्छार फ्रंटियर शामिल हैं। इसके अलावा दो सब ट्रेनिंग सेंटर भी इसके अधीन हैं।

बंगाल फ्रंटियर अत्यंत संवेदनशील

गांधी बीएसएफ मुख्यालय नई दिल्ली में महानिरीक्षक (प्रशासन) के पद पर भी कार्यरत रहे है। गांधी ने बताया कि बीएसएफ उत्तर बंगाल फ्रंटियर अत्यंत संवेदनशील हैं। अपने कार्यकाल के दौरान सीमा प्रबंधन में की गई विभिन्न नई पहल की वजह से बांग्लादेश के साथ लगी पूर्वी सीमा की प्रभावी ढंग से देखभाल की है।

इसके अलावा बीएसएफ के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों में से एक प्रशिक्षण केंद्र और स्कूल, हजारीबाग जो कि कमांडो और विस्फोटक प्रशिक्षण के लिए उत्कृष्टता का केन्द्र माना जाता है, की भी कमान संभाली थी।

1986 बैच के बीएसएफ अधिकारी

रवि गांधी 1986 बैच के बीएसएफ अधिकारी हैं, जिन्हें राष्ट्र की समर्पित सेवा का 36 से अधिक सालों का अनुभव है। उन्होंने भारत की पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं के साथ-साथ प्रशिक्षक और स्टाफ अधिकारी जैसे जिम्मेदारी के पदों पर कार्य किया है।

1996-97 में बोस्निया में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी कार्य किया है। उन्हें वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और अति उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। उनकी सराहनीय एवं विशिष्ट सेवाओं के लिए महानिदेशक द्वारा 30 डीजीसीआरएस दिए गए हैं।

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