राजस्थान चुनाव का जातिगत समीकरण, बीजेपी ने SC तो कांग्रेस ने जाट समाज पर खेला दांव, यहां पढ़ें किस जाति को कितना दिया महत्त्व

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राजस्थान चुनाव का जातिगत समीकरण, बीजेपी ने SC तो कांग्रेस ने जाट समाज पर खेला दांव, यहां पढ़ें किस जाति को कितना दिया महत्त्व

राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। इसमें दोनों पार्टियों ने जाति और समाज के आधार पर टिकट दिए हैं। कांग्रेस ने जाट समाज को सबसे ज्यादा टिकट दिए हैं जबकि भाजपा ने SC समाज को सबसे अधिक टिकट दिए हैं। इसके आलावा महिला आरक्षण पर बहस के बाद भी भाजपा ने केवल 21 महिलाओं को टिकट दिए जबकि कांग्रेस ने 28 महिलाओं को टिकट दिए हैं।

जयपुर : राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर नामांकन भरने की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। अब 25 नवंबर को होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों की चुनावी बिसाते बिछ गई। विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करने में काफी मशक्कत की। दोनों ही पार्टियों ने प्रत्याशियों के चयन में अपनी राजनीतिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा है। इनमें मुख्यतः राजस्थान की जातिगत समीकरणों का जो दोनों ही पार्टियों का आधार रही है। दोनों ही पार्टियों ने अपने-अपने समीकरणों के आधार पर विभिन्न समाज के प्रत्याशियों को मौका देकर मतदाताओं को साधने का प्रयास किया है। आईये इस रिपोर्ट से समझने की कोशिश करते हैं कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही राजनीतिक पार्टियों ने किस समुदाय से कितने-कितने प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है।

दोनों ही पार्टियों ने इन समाज पर खेला दांव

राजस्थान में कल 200 विधानसभा क्षेत्र है। इसको लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी समीकरणों के आधार पर प्रत्याशियों का चयन किया है। इस प्रक्रिया में दोनों ही पार्टियों ने जातिगत समीकरणों को आधार बनाया हैं। इसी के आधार पर दोनों ही पार्टियों ने प्रत्याशियों की सूची जारी की है। इस दौरान आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस और बीजेपी ने राजपूत, ब्राह्मण, एससी, एसटी और जाट समाज को टिकट देने में ज्यादा महत्वता दी है।

किस समाज को मिले कितने उम्मीदवार

बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों की ओर से 200 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा की जा चुकी है। इसमें अगर आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो, कांग्रेस पार्टी ने राजपूत समाज के 17 प्रत्याशी, बीजेपी ने 25 प्रत्याशियों को मौका दिया है। इसी तरह ब्राह्मण समाज से कांग्रेस ने 16, बीजेपी ने 20, बनिया समाज से कांग्रेस ने 11 और बीजेपी ने भी 11 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। इसी तरह SC वर्ग के लिए कांग्रेस ने 34, बीजेपी ने भी 34, ST वर्ग से कांग्रेस ने 33 और बीजेपी ने 30, मुस्लिम समाज से कांग्रेस ने 15 जबकि बीजेपी ने एक भी उम्मीदवार को मौका नहीं दिया है। इसी तरह गुर्जर समाज से कांग्रेस ने 11, बीजेपी ने 10, माली समाज से कांग्रेस ने 4, बीजेपी ने 3 और जाट समाज से कांग्रेस ने 36 और बीजेपी ने 33 प्रत्याशियों को टिकट दिया है।

कांग्रेस और बीजेपी ने इस समाज को दी सबसे अधिक प्राथमिकता

कांग्रेस और बीजेपी की ओर से राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित किया गया। लेकिन आंकड़ों पर अगर नजर डाल जाए तो, कांग्रेस ने सर्वाधिक 36 टिकट जाट समाज को दिए हैं। वहीं भाजपा ने सर्वाधिक 34 टिकट SC वर्ग को दिए। जबकि दूसरे बड़े आंकड़े के मामले में दोनों की स्थिति पहले वाले के आंकड़े से विपरीत है। यहां कांग्रेस ने दूसरे सबसे ज्यादा 34 टिकट SC वर्ग को दिए हैं तो, इस बार बीजेपी ने दूसरे सबसे ज्यादा 33 टिकट जाट समाज को दिए हैं।

महिला आरक्षण लागू करने के बाद भी टिकट में बीजेपी पिछड़ी

हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से महिलाओं के आरक्षण विधेयक पारित किया गया। लेकिन विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपने ही कानून की पालना नहीं कर पाई। इस मामले में कांग्रेस बीजेपी से आगे है। कांग्रेस ने 28 महिलाओं को अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा ने केवल 21 महिलाओं को ही टिकट दिया है। उधर कांग्रेस ने मुस्लिम समाज के 15 उम्मीदवारों को टिकट दिया। लेकिन बीजेपी ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। 

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