राजस्थान चुनाव में बारां के नाम दर्ज हुआ ये बदनुमा रिकॉर्ड, यहां जानें देवपुरिया में ये क्या हुआ

TIN NETWORK
FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

राजस्थान चुनाव में बारां के नाम दर्ज हुआ ये बदनुमा रिकॉर्ड, यहां जानें देवपुरिया में ये क्या हुआ

राजस्थान चुनाव में जहां एक ओर बम्पर वोटिंग दर्ज की गई तो दूसरी ओर कुछ विधानसभा सीटों पर मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। जब से देश आजाद हुआ है उसके बाद अब 2023 में राजस्थान में सर्वाधिक वोटिंग 75.45 प्रतिशत दर्ज की गई। इसी बीच राजस्थान में एक मतदान केंद्र ऐसा भी है जहां 0 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

जयपुर : विधानसभा चुनाव 2023 में राजस्थान की जनता ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। आजादी के बाद से लेकर अब तक की सर्वाधिक 75.45 प्रतिशत मतदान हुआ लेकिन कुछ विधानसभा सीटों के मतदान केन्द्रों पर लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। बारां जिले के छबड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर एक भी मतदाता ने मतदान नहीं किया। मामला देवपुरिया गांव के एक बूथ का है। मतदान अधिकारी लोगों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई भी व्यक्ति वोट देने नहीं पहुंचा। इस बूथ पर कुल 878 मतदाता पंजिकृत थे लेकिन एक भी मतदाता ने मतदान नहीं किया। देवपुरिया गांव में लगातार दूसरी बार ऐसा हुआ है जब मतदान का पूर्ण बहिष्कार किया गया। जिसके चलते बूथ पर तैनात सभी कर्मचारियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
जयपुर की बस्सी सीट पर भी बहिष्कारजयपुर जिले की बस्सी विधानसभा सीट के बूथ संख्या 155 पर भी लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। मामला तूंगा गांव के पालावाला जाटान का है जहां पिछले सात बार से लगातार मतदान का बहिष्कार किया जा रहा है। हालांकि अफसरों के बुलाने पर इस बार 8 लोगों ने मतदान किया था लेकिन ग्रामीणों ने इसका भारी विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि मतदानकर्मियों ने जबरन मतदान कराया। ग्रामीणों ने एसडीएम और अन्य अधिकारियों की गाड़ियों का घेराव किया।

मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे ग्रामीणबारां जिले के देवपुरा और कोल्हूलूखेड़ा गांव और तूंगा के पास पालावाला जाटान गांव के लोगों का कहना है कि उनके गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पानी, बिजली और सड़कों की व्यवस्था नहीं है। बार बार ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और अफसरों के सामने अपनी मांगें रखते आए हैं लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन समझाइश का कोई असर नहीं हुआ।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!