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राजस्थान विश्वविद्यालय के अविवादित खसरों के नामान्तरकरण की प्रक्रिया जारी, अन्य भूमि के नामान्तरकरण के लिए होगा सर्वे

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जयपुर, 5 जुलाई। जिला कलक्टर श्री अन्तर सिंह नेहरा के निर्देशानुसार राजस्थान विश्वविद्यालय के अविवादित खसरों के नामान्तरण विश्वविद्यालय के पक्ष में खोलने की प्रक्रिया जारी है लेकिन विश्वविद्यालय की अन्य भूमि का नामान्तरण सर्वे कार्य के बाद ही किया जा सकेगा। यह सर्वे उपखण्ड अधिकारी जयपुर से समन्वय रखते हुए विश्वविद्यालय द्वारा कराया जाएगा।

राजस्थान विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों को आंवटित, अधिग्रहित भूमि को राजस्थान विश्वविद्यालय के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने के सम्बन्ध में सोमवार को आयोजित बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम श्री इकबाल खान ने यह निर्देश दिए। श्री खान ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री कजोड़ मल दूरिया को उपखण्ड अधिकारी जयपुर से समन्वय रखते हुए तहसील जयपुर एवं विश्वविद्यालय के अन्य प्रतिनिधियों को साथ लेकर सर्वे कराने निर्देश दिए। सर्वे के बाद विश्वविद्यालय को आवंटित अविवादित भूमि का नामान्तरण विश्वविद्यालय के नाम किया जाएगा।

महाराजा कॉलेज व महारानी कॉलेज की भूमि के दोनों परिसरों के टाइटल के सम्बन्ध में दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया जिससे इस समबन्ध में कार्यवाही की जा सके। इसी प्रकार राजस्थान कॉलेज की विश्वविद्यालय के अधिपत्य की राजकीय भूमि के रूप में दर्ज भूमि के प्रस्ताव बनाकर भेजने के लिए तहसीलदार जयपुर को निर्देशित किया गया जिस पर राज्य सरकार से सहमति प्राप्त की जा सके।

बैठक में एनसीसी के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहीं श्रीमती मधु रघुवंशी ने महाराजा कॉलेज परिसर से लगते हुए ग्राम किशनपोल तहसील जयपुर की भूमि पर बने हुए एनसीसी भवन की भूमि एनसीसी के नाम किए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। उन्हें बताया गया कि इस मामले में पीडब्ल्यूडी से एनओसी लिए जाने के बाद ही कार्यवाही किया जाना सम्भव होगा। तहसीलदार जयपुर को निर्देशित किया गया कि वह प्रतिनिधि को आवश्यक अभिलेख की नकलें उपलब्ध करावें।

कॉमर्स कॉलेज एवं अन्य भूमि जो विश्वविद्यालय को औपचारिक रूप से आंवटित कि गई है वह अधिकांश भूमि वन विभाग के नाम है। इस बारे में डीएफओ जयपुर श्री उपकार बोराना को दो-तीन दिन में कार्यवाही करते हुए विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि को स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया। विश्वविद्यालय की जेडीए के नाम दर्ज भूमि की एनओसी प्राप्त करने के लिए जोन उपायुक्त श्रीमती कुन्तल विश्नोई से वार्ता कर दो दिवस में कार्यवाही पूर्ण कर आदेश जारी कराने हेतु निर्देशित किया गया।

इस सम्बन्ध में अगली बैठक 30 जुलाई का होगी। बैठक में कुल सचिव, राजस्थान विश्वविद्यालय श्री कजोड मल दूरिया, पूर्व सदस्य तहसीलदार सेवा एवं सलाहकार राजस्थान विवि डॉ. गिरवर सिंह राठौड, उपखण्ड अधिकारी सांगानेर श्री राजेश नायक, उपखण्ड अधिकारी जयपुर, श्री युगान्तर शर्मा, अति. निदेशक, एनसीसी जयपुर श्री मधु रघुवंशी, तहसीलदार सांगानेर श्रीमती अस्मिता सिंह, तहसीदार जयपुर, श्री लोकेन्द्र मीना, पटवारी, सांगानेर, श्री मनोज शामिल हुए।

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