
बीकानेर। राज्य के पुलिस महानिदेशक एम एल लाठर आज बीकानेर पहुंचे। बीकानेर में बातचीत के दौरान श्री लाठर ने कहा कि राजस्थान पुलिस अपराध पंजीकरण के लिए प्रतिबद्ध है । किसी भी प्रकार के घटित अपराध का तुरंत पंजीकरण किया जाता है तथा गंभीरतम अपराध होने के बावजूद अधिकतर मामलों में 72 घंटों के अंदर अपराधी को गिरफ्तार करने में राजस्थान पुलिस सफल रही है। उन्होंने बताया कि नवीन व्यवस्था के तहत 1 जून 2019 से यह व्यवस्था की गई थी कि यदि किसी व्यक्ति का मुकदमा थाने में दर्ज करने से इनकार किया जाता है तो परिवादी सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाकर अपना मुकदमा दर्ज करा सकता है। संपूर्ण राजस्थान में अब तक केवल 218 लोगों ने अपने जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सीधे मामले पंजीबद्ध करवाए हैं ।इनकी पड़ताल करने पर यह सामने आया है कि इनमें से 200 व्यक्ति अपने सम्बद्ध पुलिस थाने गए ही नहीं ,केवल 18 परिवादी ही ऐसे संज्ञान में आए हैं जिनके मामले थाना अधिकारियों द्वारा पंजीबद्ध नहीं किए गए इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की गई है।
दिनोंदिन बढ़ते साइबर क्राइम के विषय में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री लाठर ने कहा कि साइबर लिटरेसी को बढ़ाने तथा इस प्रकार के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए राजस्थान पुलिस विशेष रूप से कार्य कर रही है। राजस्थान पुलिस अकादमी द्वारा भारत सरकार की सहायता से साइबर क्राइम फॉरेंसिक ट्रेनिंग सेंटर गत 18 दिसंबर 2020 से प्रारंभ किया गया है जिसमें कोरोना के बावजूद अब तक 5000 अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है तथा अभी भी यह कार्य मुस्तैदी से किया जा रहा है ।
इस दौरान सम्भाग स्तरीय समीक्षा बैठक में ADG एटीएस अशोक राठौड़, ADG क्राइम रवि प्रकाश, ADG हाउसिंग ए पुन्नओचामी, DIG क्राइम गौरव श्रीवास्तव रहेंगे साथ, SP प्रीतिचन्द्रा ,IG प्रफुल्ल कुमार भी उपस्थित थे।















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