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शुद्ध के लिए युद्ध अभियान:हाईकोर्ट ने 6 साल पहले एफएओ की नियमित भर्ती के आदेश दिए थे, आज तक नहीं हुई; अब डेपुटेशन पर 200 को लगाने की तैयारी

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*शुद्ध के लिए युद्ध अभियान:हाईकोर्ट ने 6 साल पहले एफएओ की नियमित भर्ती के आदेश दिए थे, आज तक नहीं हुई; अब डेपुटेशन पर 200 को लगाने की तैयारी*
खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए फूड सेफ्टी एक्ट लागू होने हुए 11 साल हाे चुके हैं। महाराष्ट्र व गुजरात की तर्ज पर राज्य में फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट तक बन गया, लेकिन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियमित भर्ती तक नहीं हो सकी। सरकार की ओर से मिलावट रोकने के बड़े-बड़े दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। पहले डॉक्टरों और अब चिकित्सा विभाग में लगे स्टाफ को नियमित उपलब्ध होने तक डेपुटेशन पर 200 एफएसओ लगाने की तैयारी कर रहा है। डॉक्टरों की कमी को देखते एफएसओ बनाने का आदेश वापस ले लिया था। नियमित भर्ती नहीं होने से कोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन किया जा रहा है।

*नियमित भर्ती नहीं होने का असर*
1. फूड सेफ्टी इंडेक्स में पिछ़ड़ रहा
2. मिलावट का बढ़ता ग्राफ
3. सजा नहीं मिलने से मिलावटखोर बेखौफ
4. फुल टाइम अभिहित अधिकारी ही नहीं
5. ईट राइट कैंपस जैसे अनेक प्रोजेक्ट पर असर
6. मीट के नमूने नहीं लेना

*2016 में हुए थे नियमित भर्ती के आदेश*
उच्च न्यायालय ने 12 अप्रैल 2016 को राज्य सरकार के मुख्य सचिव को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियमित भर्ती के आदेश दिया था। साथ ही नियमित भर्ती होने की प्रक्रिया पूरी होने तक मुख्य सचिव यह सुनिश्चित करें कि विभिन्न कैडर के लोगों को बैकडोर से खाद्य सुरक्षा अधिकारी नहीं बनाया जाए। एफएसओ की साल भर के लिए नियमित उपलब्ध होने तक बैकडोर भर्ती कोर्ट के आदेश की अवहेलना की श्रेणी में आती है।

*कैसे होगी प्रभावी पैरवी :* साल भर या नियमित उपलब्ध होने तक मिलावट के मामलों में प्रभावी पैरवी नहीं हो सकेगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों के निस्तारण में सालों लग जाते हैं। ऐसे में एक साल के लिए लगने वाले खाद्य सुरक्षा अधिकारी की मूल विभाग में जाने के बाद प्रभावी पैरवी कैसे होगी।

*परिणाम घोषित लेकिन साक्षात्कार का इंतजार :* पहली बार वर्ष-2019 में एफएसओ के 98 पदों पर सीधी भर्ती निकली थी। लिखित परीक्षा 25 नवंबर को होने के बाद 13 मार्च 2020 को परिणाम घोषित कर दिया। लेकिन आज दिनांक तक कभी कोविड तो कभी कोई अन्य कारण का हवाला देकर साक्षात्कार नहीं हुए।

*200 पदों के लिए अर्थना जल्द भेजे :* मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद 200 और स्वीकृत पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर को जल्द अर्थना भेजकर प्राथमिकता के आधार पर भर्ती करने के लिए लिखें।

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