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संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय नेताओं की बैठक हुई

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प्रधानमंत्री ने सदन में सार्थक चर्चा का आह्वान किया

सत्र की 19 बैठकों के दौरान 31 सरकारी कार्य पूरे किए जाएंगे

सरकार नियमों के तहत किसी भी विषय पर विचार विमर्श के लिए तैयार है

संसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले आज यहां सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बैठक में कहा कि सांसदों की तरफ से उन्हें यहां बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए हैं और दोनों सदनों में सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुझावों को सामूहिक रूप से लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र की हमारी परम्पराओं के तहत, जनता से जुड़े मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से उठाया जाना चाहिए और सरकार को इन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देने का अवसर दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक अनुकूल वातावरण तैयार करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि वास्तव में जमीनी हालात को अच्छी तरह से जानते हैं, और इसीलिए चर्चाओं में उनकी भागीदारी से फैसले लेने की प्रक्रिया समृद्ध होती है। श्री मोदी ने कहा कि ज्यादातर सांसदों का टीकाकरण हो चुका है और उम्मीद है कि इससे आत्मविश्वास के साथ संसद की गतिविधियों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने संसद में स्वस्थ विचार-विमर्श का आह्वान किया और सभी दलों के नेताओं से सहयोग की मांग की। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि सत्र सुचारू रूप से चलेगा और अपना काम पूरा करेगा। उन्होंने कोविड-19 महामारी के चलते जान गंवाने वालों के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

बैठक में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने भाग लिया। इसके अलावा बैठक में राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल और श्री वी. मुरलीधरन भी उपस
बैठक की शुरुआत में श्री जोशी ने कहा कि सरकार नियमों के तहत किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। सदन के सुचारू संचालन में सभी दलों से पूर्ण सहयोग की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि सदन में सभी मुद्दों पर एक व्यवस्थित चर्चा होनी चाहिए। श्री जोशी ने बताया कि संसद का मानसून सत्र, 2021 सोमवार, 19 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक जारी रहेगा। सत्र की 19 बैठकों के दौरान, 31 सरकारी विषय (29 विधेयक और 2 वित्तीय विषयों सहित) सामने रखे जाएंगे। छह विधेयक अध्यादेशों की जगह लेंगे।

मानसून सत्र, 2021 के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों की सूची

I – विधायी कार्य

अधिकरण सुधार (सेवा का युक्तिकरण और शर्तें) विधेयक, 2021- अध्यादेश की जगह लेने के लिए।
दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2021- अध्यादेश की जगह लेने के लिए।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग विधेयक, 2021- अध्यादेश की जगह लेने के लिए।
आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक, 2021- अध्यादेश की जगह लेने के लिए।
भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, 2021- अध्यादेश की जगह लेने के लिए।
होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, 2021- अध्यादेश की जगह लेने के लिए।
डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग और अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक, 2019।
फैक्टरिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2020
सहायक प्रजनन तकनीक (विनियमन) विधेयक, 2020।
अभिभावक और वरिष्ठ नागरिक देखरेख एवं कल्याण (संशोधन) विधेयक, 2019।
राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान विधेयक, 2019, जैसाकि राज्य सभा द्वारा पारित किया गया।
नौवहन के लिए समुद्री सहायता विधेयक, 2021, जैसाकि लोकसभा द्वारा पारित किया गया।
किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2021, जैसाकि लोकसभा द्वारा पारित किया गया।
सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019।
कोयला क्षेत्र (अधिग्रहण एवं विकास) संशोधन विधेयक, 2021।
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कॉस्ट और वर्क्स अकाउंटेंट्स तथा कंपनी सेक्रेटरीज (संशोधन) विधेयक, 2021
सीमित दायित्व भागीदारी (संशोधन) विधेयक, 2021
कैंटोनमेंट विधेयक, 2021
भारतीय अंटार्कटिका विधेयक, 2021।
केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2021।
भारतीय वन प्रबंधन संस्थान विधेयक, 2021।
पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2021
जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) विधेयक, 2021
भारतीय समुद्री मात्स्यिकी विधेयक, 2021
पेट्रोलियम और खनिज पाइपलाइन (संशोधन) विधेयक, 2021।
अंतर्देशीय पोत विधेयक, 2021
विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2021
मानव तस्करी (रोकथाम, संरक्षण और पुनर्वास) विधेयक, 2021।
नारियल विकास बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2021।

II – वित्तीय कार्य

2020-21 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों पर प्रस्तुतिकरण, चर्चा और मतदान तथा संबंधित विनियोग विधेयक को पेश करना,विचार करना और पारित करना।
2017-18 के लिए अनुदानों की अतिरिक्त मांगों पर प्रस्तुतिकरण, चर्चा और मतदान व संबंधित विनियोग विधेयक को पेश करना,विचार करना और पारित करना।

बैठक में कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, वाईएसआरसीपी, शिव सेना, जद यू, बीजद, सपा, टीआरएस, एआईडीएमके, बसपा, राकांपा, टीडीपी, अकाली दल, आरजेडी, आप, सीपीआई, सीपीआई (एम), आईयूएमएल, एजेएसयू, आरएलपी, आरएसपी, एमडीएमके, तमिल मनीला कांग्रेस, केरल कांग्रेस, जेएमएम, एमएनएफ, आरपीआई, एनपीएफ सहित 33 राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया।

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