संसद की सुरक्षा चूक मामले में राजस्थान पहुंची दिल्ली पुलिस:आधी रात दीवार फांदकर मकान में घुसी; लोकेशन से ट्रेस किया, नहीं मिला छठा आरोपी

TIN NETWORK
FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

संसद की सुरक्षा चूक मामले में राजस्थान पहुंची दिल्ली पुलिस:आधी रात दीवार फांदकर मकान में घुसी; लोकेशन से ट्रेस किया, नहीं मिला छठा आरोपी

कोटपूतली

संसद भवन की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में दिल्ली पुलिस राजस्थान पहुंची। 13 दिसंबर की रात करीब 12.30 बजे छठे आरोपी ललित झा को पकड़ने के लिए कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना के गंडाला गांव में छापेमारी की गई। पुलिस ने गांव के बस स्टैंड के पास लोगों से पूछताछ की। साथ ही, गाड़ियों को रोक-रोककर तलाशी भी ली गई। पुलिस को छठे आरोपी की आखिरी लोकेशन गांव में ही एक घर की मिली थी। इसके बाद पुलिस यहां पहुंची।

कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना के गंडाला गांव के इसी घर में पुलिस ने तलाशी ली थी। इस दौरान किराएदार और मकान मालिक से पूछताछ भी की गई।

कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना के गंडाला गांव के इसी घर में पुलिस ने तलाशी ली थी। इस दौरान किराएदार और मकान मालिक से पूछताछ भी की गई।

गांव के संदीप ने बताया- 4-5 पुलिस के जवान थे। हमारे बीएसएनएल टावर के पास आए। उन्होंने मेरे घर का दरवाजा खटखटाया। पुलिस वालों ने मुझसे कहा कि बीएसएनएल की सिम है तो हमें उपलब्ध करवा दो। हम एक आदमी की लोकेशन ट्रेस कर रहे हैं। यह आदमी संसद भवन में हुई घटना में शामिल था। हमने पुलिस की मदद भी की। मोबाइल भी दिया। मेरे मोबाइल की मदद से वे 300 मीटर दूर सुभाष यादव के घर तक पहुंचे। दो घंटे तक पुलिस यहां रही थी। जिस आदमी की तलाश में पुलिस आई थी, वो नहीं मिला।

मकान मालिक सुभाष यादव ने कहा- उनके पुराने मकान में एक बंगाली परिवार करीब 10 साल से किराए पर रह रहा है। रात को पुलिस आई और पुराने मकान की दीवार कूदकर अंदर घुसी। इसके बाद किराए पर रह रहे प्रदीप से बातचीत की। फिर मेरे पास आए और पूछताछ की। रास्ते में भी 3-4 लोगों से पूछताछ की।

पुलिस ललित झा की तलाश करते हुए राजस्थान के नीमराना पहुंची थी।

पुलिस ललित झा की तलाश करते हुए राजस्थान के नीमराना पहुंची थी।

किराए पर रह रहे प्रदीप ने कहा- पुलिस ने ललित की फोटो को दिखाया था। पूछा था कि इसको जानते हो क्या? मैंने मना कर दिया था। फिर मुझसे मेरा मोबाइल मांगा। मैंने मोबाइल दे दिया। इसके बाद मुझे साथ ले गए। मैं मकान मालिक के पास इन्हें ले गया। दो गाड़ियों में पुलिस के जवान आए थे। पुलिस को यहां से कुछ नहीं मिला। इसके बाद वे लौट गए।

इस मामले में नीमराना एएसपी जगराम मीणा ने कहा- संसद में हुए घटनाक्रम के मामले में दिल्ली से एक जांच एजेंसी की टीम के गंडाला गांव में आने की सूचना मिली है। लोगों से पूछताछ की गई है। जांच टीम ने हमसे संपर्क नहीं किया। नीमराना डीएसपी अमीर हसन ने भी बताया कि दिल्ली पुलिस ने हमसे कोई संपर्क नहीं किया। हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

13 दिसंबर को घुसे संसद में

संसद पर आतंकी हमले के 22 साल बाद एक बार फिर 13 दिसंबर को सुरक्षा में सेंध लगी थी। लोकसभा में दो युवक विजिटर गैलरी से कूद गए थे और पीले रंग का धुआं उड़ाने लगे थे। सुरक्षा में सेंध लगाने वाले दोनों युवकों को पहले सांसदों ने पीटा, फिर पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। अभी तक की जांच में इस सिक्योरिटी ब्रेक के 6 किरदार सामने आए हैं। दो ने सदन के अंदर हंगामा किया, दो ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया। इनमें सागर शर्मा (26), मनोरंजन डी (34), अमोल शिंदे (25) और नीलम (42) शामिल हैं। इन चारों के अलावा दो और लोग प्लानिंग में शामिल थे। इनमें से एक ने सभी को अपने घर में ठहराया था। उसे पुलिस ने पत्नी समेत हिरासत में ले लिया है। हालांकि, पत्नी इन छह आरोपियों में शामिल नहीं है। एक अभी भी फरार है।

यह भी पढ़ें

लोकसभा में घुसे युवक की हनुमान बेनीवाल ने की पिटाई:बोले- सांसद घबरा गए थे, कहीं कोई हथियार तो नहीं; मैंने और कुछ MP ने दबोचा

संसद पर आतंकी हमले की 22वीं बरसी के दिन सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई। विजिटर्स गैलरी से 2 युवक अचानक नीचे कूद गए। इस घटना के समय संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित 6 मंत्री मौजूद थे। युवकों ने जब भीतर धुआं छोड़ा तो अंदर बैठे करीब 150 सांसद घबरा गए थे।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!