
बीकानेर। बीकानेर के मरुधर कैंपस में शुरू हुआ स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन सेवा का दो दिवसीय प्रदेश सम्मेलन ध्वजारोहण एंव वंदे मातरम के साथ सोमवार को संपन्न हुआ।
संगठन के मीडिया प्रभारी प्रभारी शैलेश भादानी ने बताया कि आरटीई के तहत निशुल्क ऑफलाइन पढाए गए विद्यार्थियों की फीस के पुनर्भरण के भुगतान नहीं होने से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की गई । सम्मेलन में संभागियों ने इस बात पर चिंता जाहिर की ऑनलाइन ऑफलाइन के नाम पर गैर सरकारी शिक्षण संस्था संचालकों में फूट डालने के लिए विभाग ने इस तरह की कार्यवाही की है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहीं भी नहीं लिखा है कि ऑनलाइन वालों को भुगतान किया जाए। भुगतान किए जाने के संबंध में संगठन ने समय-समय पर विभाग के अधिकारियों एवं सरकार को अवगत कराया गया, लेकिन सरकार व विभाग गंभीर नहीं है। सम्मेलन की समाप्ति के बाद संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने अतिरिक्त शिक्षा निदेशक रचना भाटिया को ज्ञापन भेजकर अवगत कराया कि यदि हमारे भुगतान के बिल 30 नवंबर तक नहीं बनते हैं, तो 30 नवंबर का बेरियर लग जाएगा उससे भुगतान अटक जाएगा जैसा कि पिछले 2 शिक्षा सत्रों का अटका हुआ है। इसलिए इसमें तुरंत कार्रवाई करते हुए भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाए। अन्यथा मजबूरन हमें आंदोलन करना पड़ेगा। अतिरिक्त निदेशक ने आश्वस्त किया कि इस पर विचार किया जाएगा। सम्मेलन में यह भी तय किया गया कि यदि समय रहते विभाग और सरकार इस पर कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन को तेज किया जाएगा तथा शीघ्र ही कोर्ट की शरण में जाएंगे।
साथ ही इसपर भी विचार किया गया कि स्कूल की निर्धारित फीस के आधार पर स्कूलों के वर्गीकरण किया जाए, सरकारी विभाग बिजनेस स्कूलों को देखकर नियम बनाती है जबकि बिजनेस स्कूल और बजट प्राइवेट स्कूलों की स्थिति बिल्कुल भिन्न है। बिजनेस स्कूलों के लिए बनाए गए नियम की पालना बजट स्कूलों के लिए किया जाना संभव नहीं है। वास्तव में शिक्षा का प्रचार और प्रसार गांव ढाणी की में स्थित दूरदराज बजट प्राइवेट स्कूल ही करती है। इसलिए बजट प्राइवेट स्कूलों के लिए अलग से नियम बनाए जाए इसके लिए पेरेंट्स से स्कूल द्वारा जी ली जाने वाली फीस के आधार पर स्कूलों को चार श्रेणियों में बांटा जाए और उनके लिए अलग-अलग नियम बनाया जाए।
स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन सेवा राजस्थान के दो दिवसीय प्रदेश सम्मेलन में संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार किया गया जिसमें संभाग वार प्रदेशसचिव व प्रदेशउपाध्यक्षो की नियुक्ति की गई। माणक चौधरी नागौर को प्रदेश उपाध्यक्ष, उदयपुर संभाग से प्रशांत नाहाटा को प्रदेश सचिव बीकानेर संभाग से राजेश बिश्नोई प्रदेश उपाध्यक्ष, दिलीप सारण प्रदेश सचिव, चूरू से हेतराम घींटाला को प्रदेशसचिव, कवंराराम बाड़मेर प्रदेशउपाध्यक्ष,मनीष शर्मा कोषाध्यक्ष उदयपुर के प्रकाश शर्मा को प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया।
सम्मेलन में जैसलमेर का भागीरथ विश्नोई को जिला अध्यक्ष एवं भरत व्यास को महासचिव बनाया गया।
प्रदेश में संगठन के विस्तार में मजबूती के लिए सदस्यता अभियान चलाया जाएगा तथा देश के सभी जिलों में जिला सम्मेलन किए जाएंगे जिसमें प्रदेशाध्यक्ष मौजूद रहेंगे। सम्मेलन में प्रदेश के 28 जिलों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया हनुमानगढ़ से रामेश्वर गीला बांसवाड़ा से प्रशांत नाहाटा, जोधपुर से आदम अली चूरू से हेतराम घिटाला, जैसलमेर से भरत व्यास, भागीरथ विश्नोई ,बाड़मेर से नगाराम, पाली से प्रेम प्रकाश, सिरोही से मोहनलाल, अजमेर से मनोज सेन, घासी राम चौधरी, चित्तौड़ से आरिफ, धौलपुर से जे पी शर्मा, सवाई माधोपुर से सुनील,सीकर श्री कृष्ण, मोहन सिंह, झुंझुनू से रामगोपाल, जयपुर से आलोक स्वामी, दोसा से विनोद, वर्मा भरतपुर से विकास वर्मा व टोंक से रमेश कुमार आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
सम्मेलन में आए सभी संभागीय का प्रदेश अध्यक्ष कोडाराम भादू ने आभार व्यक्त किया तथा संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।






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