Some Of My Projects

Design of a mobile app develops

AI Based Social Networks

NFT Buy and Sell Platform

Web Traffic Management

हमारे जीवन में वृक्षों का विशेष महत्व-उच्च शिक्षा मंत्री भाटी::जिला स्तरीय 72 वें वन महोत्सव व घर-घर औषधि योजना का हुआ शुभारंभ

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बीकानेर, 01 अगस्त। स्थानीय डूंगर महाविद्यालय के प्रांगण में वन विभाग, जिला प्रशासन एवं डूंगर महाविद्यालय प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में 72 वां वन महोत्सव आयोजित किया गया। आज ही से मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने राज्य में 72 वां वन महोत्सव की और घर-घर औषधि योजना का शुभारंभ किया।
उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की स्वस्थ राजस्थान-हरित राजस्थान संकल्पना को साकार करने की दिशा में औषधीय पौधों का वितरण करने की शुरूआत हुई है। राज्य में आने वाले समय में 1 करोड़ 30 लाख परिवारों को औषधि पौधों का निःशुल्क वितरण होगा। पौध वितरण की सभी व्यवस्थाएं की गई। उन्होंने कहा कि घर-घर औषधि योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक घरों तक तुलसी, कालमेघ, अश्वगंधा और गिलोय के पौधे पहुंचाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन पौधों को अपने घरों में उगाकर आमजन अपनी तथा अपने परिवार की रोग प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की भावना के अनुसार औषधीय पौधों का रोपण कर भली प्रकार संभाल की जाए।
भाटी ने कहा कि पेड़ों का हमारे जीवन में कितना महत्व है, यह हमारे पूर्वज भलिभांति समझते थे और उन्होंने बड़े वृक्ष के लगाने के साथ ही औषधीय पौधों को भी लगाया। औषधि जड़ी-बुटी से उपचार करने की हमारी परम्परा रही है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे हमें प्राण वायु आक्सीजन देते है। उन्हांेने कहा कि आज जो पौधे लगे है, उनकी सार संभाल कर, बड़ा किया जाए। उन्होंने कहा कि डूंगर कॉलेज में सघन वृक्षारोपण कर, हराभरा किया जाए। उन्होंने कॉलेज स्टॉफ से उम्मीद जताई की यह कॉलेज हरियाली के मामले में सभी महाविद्यालयों के लिए नज़ीर बने।  
जिला कलेक्टर नमित मेहता ने बताया कि इस योजना में इस वर्ष राज्य के 50 प्रतिशत परिवारों को 4 औषधीय प्रजातियां तुलसी गिलोय अश्वगंधा एवं कालमेघ के दो दो पौधों की किट बनाकर घर-घर वितरित की जाएगी। शेष 50 प्रतिशत परिवारों को अगले वर्ष निशुल्क पौधे वितरित किए जाएंगे। योजना में 5 वर्ष में प्रत्येक परिवार को कुल 24 औषधीय पौधे निशुल्क वितरित किए जाएंगे।
डूंगर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सिंह ने बताया कि पूरे महाविद्यालय में लगभग 11000 वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अभी तक लगभग 1500 वृक्ष लगाये चुके हैं।  उन्होनें कहा कि प्रति सप्ताह महाविद्यालय में 250 वृक्षारोपण निरंतर जारी है।
महापौर श्रीमती सुशीला कंवर ने पौधारोपण उपरांत पौधों को बच्चों की तरह संभाल कर पालने का आह्वान किया। मुख्य वन संरक्षक बीकानेर श्री राजेश जैन ने योजना का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया।
इससे पहले उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, जिला प्रमुख मोटाराम मेघवाल, महापौर श्रीमती सुशीला कंवर, जिला कलक्टर नमित मेहता, मुख्य वन संरक्षक राजेश जैन, डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य जी पी सिंह एवं जिला स्तरीय प्रशासनिक एवं वन अधिकारियों ने महाविद्यालय परिसर में औषधीय पादपों का वृक्षारोपण किया। एनएसएस एवं स्काउट गाइड के कैडेट्स, डूंगर महाविद्यालय के शिक्षकों एवं छात्रों द्वारा पौधारोपण में उत्साह पूर्वक भाग लिया। मण्डल वन अधिकारी ई रंगास्वामी ने आभार व्यक्त किया। डीएफओ वीरेन्द्र जोरा ने औषधि योजना की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह के रूप में औषधीय पौधों की किट प्रदान की गई।
औषधीय पौध वितरण के वाहन को दिखाई हरी झण्डी-उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, जिला प्रमुख मोटाराम मेघवाल, महापौर श्रीमती सुशीला कंवर, जिला कलक्टर नमित मेहता, मुख्य वन संरक्षक राजेश जैन द्वारा घर-घर औषधि योजना में निशुल्क वितरण किए जाने वाले पौधों के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।  
इनकी रही उपस्थिति-इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बलदेव राम धोजक, आयुक्त निगम ए.एच.गौरी, एडीएम सिटी अरूण प्रकाश शर्मा, उपायुक्त निगम पंकज शर्मा, प्राणीशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र पुरोहित, सहायक निदेशक कॉलेज शिक्षा डॉ.राकेश हर्ष, एनएसएस के जिला समन्वयक डॉ. नरेन्द्र कुमार, रोवर लीडर श्री सुशील यादव, डॉ. श्याम सुन्दर ज्याणी, डॉ. एस.एन.जाटोलिया, रूक्टा महामंत्री डॉ. विजय ऐरी, विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भगवाना राम बिश्नोई, डॉ. संदीप यादव एवं डॉ. अविनाश जोधा आदि उपस्थित रहे।



FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!