1.33 करोड़ महिलाओं को मोबाइल, फ्री सिम-इंटरनेट:गहलोत सरकार 7500 करोड़ के स्मार्टफोन खरीदेगी, चौथी सालगिरह पर बांटने की तैयारी

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

1.33 करोड़ महिलाओं को मोबाइल, फ्री सिम-इंटरनेट:गहलोत सरकार 7500 करोड़ के स्मार्टफोन खरीदेगी, चौथी सालगिरह पर बांटने की तैयारी
गहलोत सरकार प्रदेश की 1.33 करोड़ महिलाओं के लिए 7500 करोड़ के स्मार्टफोन खरीद रही है। सरकार ने 1.33 करोड़ मोबाइल हैंडसेट तीन साल तक फ्री 4जी इंटरनेट के साथ सप्लाई करने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। हर स्मार्टफोन करीब 5,639 रुपए की कीमत का होगा। गहलोत सरकार की चौथी सालगिरह से महिलाओं को मोबाइल हैंडसेट बांटना शुरू करने की तैयारी में है।सरकार की एजेंसी राजकॉम्प ने दो दिन पहले ही टेंडर जारी किया है। टेंडर की कुल कीमत 7500 करोड़ है। इसमें 1.33 करोड़ स्मार्टफोन और तीन साल तक इंटरनेट सुविधा शामिल है। देश भर की मोबाइल हैंड सेट मैन्युफैक्चरर और सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां टेंडर में हिस्सा लेंगी।

इसको लेकर 23 मई को 3 बजे प्री-बिड बैठक रखी गई है। 1 जुलाई को टेक्निकल बिड खुलेगी। इसके बाद ही तय होगा कि कौन सी कंपनी मोबाइल सप्लाई करेगी। सरकार ने टेंडर डॉक्यूमेंट में वर्क ऑर्डर मिलने के एक साल के भीतर सप्लाई की शर्त रखी है।

गहलोत ने बजट में की थी घोषणा, लाभार्थी महिलाओं का रिकॉर्ड सरकार के पास
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस साल बजट में प्रदेश की 1.33 करोड़ महिलाओं को स्मार्टफोन देने की घोषणा की थी। सरकारी मोबाइल फोन परिवार की मुखिया महिलाओं को दिए जाएंगे जिनके नाम जनाधार कार्ड में है। मोबाइल के साथ तीन साल तक डेटा फ्री होगा। जिन महिलाओं को मोबाइल दिए जाने हैं उनका पूरा रिकॉर्ड सरकार के पास है। उसी रिकॉर्ड के हिसाब से उन्हें सिम अलॉट कर दिए जाएंगे।

जिला और ब्लॉक लेवल पर होगा डिस्ट्रीब्यूशन, ई-केवाईसी करवानी होगी
स्मार्टफोन का डिस्ट्रीब्यूशन जिला और ब्लॉक लेवल पर होगा। जिन महिलाओं को मोबाइल दिए जाएंगे। इन्हें ई-केवाईसी करवाना होगा। आईटी विभाग इसके लिए समय और जगह तय करेगा।

कंपनियों को 2 साल बाद मिलेगा पूरा पैसा, डिलीवरी के वक्त केवल 30% पेमेंट
टेंडर में स्मार्टफोन सप्लाई करने वाल कंपनी को भुगतान करने की कई शर्तें लगाई हैं। जो भी कंपनी स्मार्टफोन सप्लाई करेगी उसे डिलीवरी के समय हैंडसेट की कीमत का केवल 30 फीसदी पैसा ही मिलेगा। डिलीवरी के एक साल बाद 35 फीसदी और फिर दो साल बाद बचा हुआ 35 फीसदी पैसा दिया जाएगा।
सरकार की इस शर्त से एक साथ भार नहीं पड़ेगा। इसके अलावा स्मार्टफोन सप्लायर्स को ब्लॉक लेवल पर सर्विस सेंटर बनाने होंगे। कस्टमर केयर की डेडिकेटेड व्यवस्था भी करनी होगी। वर्क ऑर्डर मिलने के बाद एक साल के भीतर पूरे हैंडसेट देने होंगे। एक बैच में कम से कम पांच लाख मोबाइल की सप्लाई करने की शर्त भी रखी गई है।

Categories:
error: Content is protected !!