10 लाख सरकारी नौकरियों का पूरा रोडमैप:77 डिपार्टमेंट में 8.67 लाख पद खाली; रेलवे, डिफेंस और डाक विभाग में होंगी सबसे ज्यादा भर्तियां

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*10 लाख सरकारी नौकरियों का पूरा रोडमैप:77 डिपार्टमेंट में 8.67 लाख पद खाली; रेलवे, डिफेंस और डाक विभाग में होंगी सबसे ज्यादा भर्तियां*
14 जून की सुबह 9.27 बजे PMO इंडिया के ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट फ्लैश हुआ…
‘PM नरेंद्र मोदी ने सभी डिपार्टमेंट और मंत्रालय के ह्यूमन रिसोर्स की समीक्षा की है और निर्देश दिया है कि सरकार अगले डेढ़ साल में 10 लाख पदों पर मिशन मोड में लोगों की भर्ती करेगी।’
इस घोषणा के महज तीन घंटे बाद गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमने वैकेंसी भरने के लिए काम शुरू कर दिया है। धीरे-धीरे कई अन्य मंत्रियों और विभागों ने ट्वीट किए। फिलहाल सरकार की तरफ से कोई डीटेल्ड रोडमैप जारी नहीं किया गया है, लेकिन अलग-अलग विभागों के खाली पदों के एनालिसिस से कई बातें साफ हो जाती हैं।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा खाली पद डिफेंस, रेलवे, होम अफेयर्स, डाक और रेवेन्यू डिपार्टमेंट में हैं। यानी अगले डेढ़ सालों में सबसे ज्यादा भर्ती भी इन्हीं विभागों में होगी। अब इन खाली पदों का ग्रुप वाइज बंटवारा जान लेते हैं…
अलग-अलग विभागों के खाली पदों में उछाल एक दिन में नहीं आया है। 2014-15 के बाद से सरकारी विभाग में खाली पदों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इस दौरान सिर्फ 2019-20 में खाली पदों की संख्या में कमी आई।
सरकारी सोर्सेज के मुताबिक PMO ने मंत्रालयों और विभागों से खाली पदों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। इसकी पूरी समीक्षा करने के बाद प्रधानमंत्री ने 10 लाख लोगों की भर्ती के निर्देश दिए।
पिछले विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों ने बेरोजगारी के मुद्दे को जोरशोर से उठाया था। हालांकि, BJP ने इसे ये कहकर खारिज कर दिया कि उनकी योजनाओं से उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा मिला है।

अगले 18 महीनों में 10 लाख पदों को भरे जाने का मतलब है कि मोदी सरकार के पास 2024 के आगामी लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष की हर आलोचना की काट के लिए एक ठोस जवाब रहेगा। लोकसभा का अगला चुनाव वर्ष 2024 के अप्रैल-मई महीने में होने की संभावना है
हालांकि, भारत के लिहाज से सिर्फ 10 लाख नौकरियां नाकाफी हैं। मैकिन्जी ग्लोबल इंस्टिट्यूट की 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2030 तक कम से कम 9 करोड़ नौकरी की जरूरत होगी। इसमें कृषि सेक्टर को छोड़कर दूसरे सेक्टर के नौकरी की बात कही गई है।

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