बीकानेर में जनवादी महिला समिति द्वारा कर्ज प्रभावित महिलाओं की सामाजिक आर्थिक स्थिति पर राष्ट्रीय सर्वेक्षण की शुरुआत

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बीकानेर में जनवादी महिला समिति द्वारा कर्ज प्रभावित महिलाओं की सामाजिक आर्थिक स्थिति पर राष्ट्रीय सर्वेक्षण की शुरुआत

बीकानेर, 27 अगस्त 2024: अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एआईवीडब्लूएस) ने आज बीकानेर में कर्ज के बोझ तले दबी महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति जानने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सर्वेक्षण की शुरुआत की। इस सर्वेक्षण की शुरुआत बीकानेर के शिवा बस्ती से की गई, और यह पूरे शहर में 1000 परिवारों तक विस्तारित किया जाएगा।

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राज्य महासचिव डॉक्टर सीमा जैन ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि यह सर्वेक्षण अखिल भारतीय स्तर पर माइक्रोफाइनेंस इंस्टीटूशन्स द्वारा कर्ज प्रभावित महिलाओं की वास्तविक स्थिति को जानने के लिए किया जा रहा है। सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थितियों का गहराई से अध्ययन करना है, जो विभिन्न प्रकार के कर्ज के बोझ तले दबी हुई हैं।

डॉक्टर जैन ने बताया कि इस सर्वेक्षण के तहत विभिन्न वर्गों की महिलाओं से साक्षात्कार लिए जाएंगे। इनमें दलित, आदिवासी, मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाएं, किन्नर, खरीदी गई पत्नी, प्रवासी श्रमिक, शरेगा/नरेगा कार्यकर्ता, कारीगर, बुनकर, कृषि श्रमिक, घरेलू कामगार, पापड़ बेलने वाली महिलाएं, निर्माण श्रमिक, ठेले और रेडी वाले लोग शामिल हैं। इन महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का बारीकी से विश्लेषण कर उनके वास्तविक हालातों का दस्तावेज तैयार किया जाएगा।

सर्वेक्षण के निष्कर्षों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे महिलाओं की वास्तविक स्थिति को संसद और सड़क पर उजागर किया जा सके। यह कदम इस बात को सुनिश्चित करेगा कि महिलाओं की समस्याओं और चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया जाए और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

सर्वेक्षण का कार्य पूरे भारत में सितंबर के अंत तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद प्राप्त आंकड़ों के आधार पर, महिला संगठनों और नीतिनिर्माताओं के साथ मिलकर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सुधार के लिए जरूरी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।

डॉक्टर जैन ने इस पहल की महत्वपूर्णता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सर्वेक्षण उन लाखों महिलाओं की आवाज बनने का कार्य करेगा, जिनकी समस्याएं अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। सर्वेक्षण के माध्यम से उनकी कठिनाइयों को उजागर कर, समाज और सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा ताकि उनके जीवन में सुधार लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

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