मुझे चुनौती दी जा रही है, मैं दुखी मन से जा रहा हूं.. क्या हुआ कि धनखड़ ने कह दिया नमस्कार!

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मुझे चुनौती दी जा रही है, मैं दुखी मन से जा रहा हूं.. क्या हुआ कि धनखड़ ने कह दिया नमस्कार!

Jagdeep Dhankhar Left Chair Rajyasabha: विनेश फोगाट के मुद्दे पर राज्यसभा में भारी बवाल देखने को मिला। विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दे पर सभापति जगदीप धनखड़ ने स्थिति संभालने की कोशिश की। हालांकि, जब हंगामा बढ़ने लगा तो उन्होंने कुर्सी छोड़ दी। उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और कहा कि मैं दुखी मन से जा रहा हूं।

हाइलाइट्स

  • राज्यसभा में जगदीप धनखड़ ने विपक्ष को लगाई लताड़
  • ‘क्या आप अपनी कुर्सी पर बैठेंगे, मैं बोलने जा रहा’
  • विनेश फोगाट के मुद्दे पर हंगामा, नाराज हुए धनखड़

नई दिल्ली: राज्यसभा में आज सभापति जगदीप धनखड़ विपक्ष के व्यवहार से इतने आहत दिखे कि कुर्सी छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर विपक्ष चिट्ठी के जरिए, अखबारों के जरिए, आरोपों के जरिए हमले कर रहा है। उन्हें लगता है कि मैं इस पद के काबिल नहीं हूं, इसलिए कुछ समय के लिए मैं इस कुर्सी छोड़कर जा रहा हूं। उन्होंने इसी दौरान सदन में मौजूद कांग्रेस नेता जयराम रमेश को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मिस्टर रमेश आप हंसिए मत, मैं आपको जानता हूं।

‘ये हर सीमा को लांघने वाला आचरण है’

जगदीप धनखड़ ने कहा कि इस पवित्र सदन को अराजकता का केंद्र बनाना, भारतीय प्रजातंत्र के ऊपर कुठाराघात करना, अध्यक्ष की गरिमा को धूमिल करना, शारीरिक रूप से चुनौती पूर्ण वातावरण करना, ये अर्मायदित आचरण नहीं, ये हर सीमा को लांघने वाला आचरण है। ये सदन इस समय प्रतिपक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष की उपस्थिति में प्रतिपक्ष के नेता के रूप में देख रही है, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी सदन के सदस्य हैं।

‘मुझे हाउस का समर्थन जितना चाहिए उतना नहीं मिला’

धनखड़ ने कहा कि जिस तरह से चुनौती शब्दों से, पत्र के द्वारा अखबार के माध्यम से, एक प्रमुख अखबार ने इतनी गलत टिप्पणी की है। मैंने देखा है, मेरे को ये चुनौती नहीं दी जा रही है। ये चुनौती सभापति के पद को दी जा रही है। ये चुनौती इसलिए दी जा रही है कि जो व्यक्ति इस पद पर बैठा है वो इसके लायक नहीं है। ऐसा ये सोचते हैं। मुझे हाउस का समर्थन जितना चाहिए उतना नहीं मिला है, ऐसा मैं सोचता हूं।

‘नो डॉन्ट लाफ मिस्टर जयराम, नो’

इसी दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जयराम रमेश पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘नो डॉन्ट लाफ मिस्टर जयराम, नो’। उन्होंने कहा कि इसको मुद्दा मत बनाइए, मैं आपका हैबिट (आदत जानता हूं)। अब मेरे पास एक ही विकल्प है मैंने सदन में बहुत वरिष्ठ सदस्य हैं, अभी उपस्थित हैं। उन्होंने राजनीति मेरे से बहुत ज्यादा देखी है, मैं मेरी शपथ से दूर नहीं भाग रहा हूं। जो आज मैंने देखा है कि जिस तरीके से व्यवहार सदस्य ने किया है, जिस तरीके से व्यवहार इधर से भी हुआ है, मैं कुछ समय के लिए यहां बैठने में सक्षम नहीं पा रहा हूं, मैं दुखी मन से जा रहा हूं।

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