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AIR CHIEF MARSHAL AMARPREET SINGH VISITS THE FAMILY OF OPERATION SINDOOR HERO FROM RAJASTHAN’S JHUNJHUNU, HONOURS MARTYR’S WIDOW AND KIN

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REPORT BY DEFENCE JOURNALIST SAHIL


AIR CHIEF MARSHAL AMARPREET SINGH VISITS THE FAMILY OF OPERATION SINDOOR HERO FROM RAJASTHAN’S JHUNJHUNU, HONOURS MARTYR’S WIDOW AND KIN

Jhunjhunu, Rajasthan — In a poignant and deeply patriotic scene on Tuesday, the pride-filled soil of Jhunjhunu witnessed a moment that stirred both tears and honour in equal measure. Air Chief Marshal Amarpreet Singh, Chief of the Air Staff of the Indian Air Force, accompanied by his wife, visited the home of Sergeant Surendra Singh Moga — the brave son of the village of Mehradasi who laid down his life during Operation Sindoor.

At the martyr’s residence, located just outside the Jhunjhunu district headquarters, the Air Force Chief met the family members of Sergeant Moga, paying heartfelt tribute to his supreme sacrifice. Standing before the late airman’s portrait, Air Chief Marshal Singh bowed in respect, laid a floral wreath, and assured the family that the Indian Air Force would always stand by them in every possible way.

Assurance of unwavering support to the martyr’s family
Addressing the gathering in the village, the Air Chief Marshal emphasised that Sergeant Surendra Singh’s sacrifice would never be forgotten by the nation. “This is a debt the country can never repay,” he said. He also assured that the government would soon issue a Battle Casualty Certificate in his name and that the local school would be renamed after the martyr as a mark of lasting honour.

The Air Chief and his wife spent time with Moga’s widow, Veerangana Seema Devi, his mother Nanu Devi, daughter Vritika, and young son Daksh. The Air Force Chief’s wife spoke warmly with the widow, offering comfort and encouragement, while Air Chief Marshal Singh interacted affectionately with the children, even playing with little Daksh.

The daughter whose words shook the nation
Sergeant Surendra Singh Moga was martyred on 9 May 2025 when Pakistan launched an attack on the Udhampur base camp in Jammu & Kashmir. At that time, his young daughter Vritika had captured national attention with her fiery statement to the media, demanding that Pakistan be punished and every enemy eliminated. That clip went viral on social media and became a rallying cry for many.

During Tuesday’s visit, both the Air Chief and his wife embraced and comforted Vritika — the same little girl whose voice, full of courage and grief, had once echoed across the nation. The widow’s own emotional words during the cremation had similarly moved countless people at the time.

Controversy over government remarks
Recently, a political controversy erupted when a government minister claimed, “No soldier from Rajasthan was martyred in Operation Sindoor.” The statement sparked outrage not just in Jhunjhunu, but across the country. Opposition leaders, including local MP Brijendra Singh Ola, challenged the statement in Parliament. The martyr’s family too had spoken out, saying, “The government may withhold compensation, but it must never deny the martyrdom.” Many in the village viewed the Air Force Chief’s visit as a symbolic and authoritative confirmation that Sergeant Moga was indeed a hero of Operation Sindoor.

Battle Casualty Certificate, renaming of school announced
Air Chief Marshal Singh confirmed that the Battle Casualty Certificate would soon be issued in Sergeant Moga’s name. He added that the village school renaming process was in its final stage and that steps were underway to offer suitable employment to Veerangana Seema Devi.

Village echoes with patriotic chants
The Air Chief’s convoy included senior officers such as Air Commander Deepak Kumar Sharma, Group Captain Pradeep, Group Captain L.S. Charan, and Group Captain Vinay Bhardwaj. Their presence electrified the village atmosphere, as men, women, and children filled the air with spirited cries of “Bharat Mata Ki Jai!”

An emotional tribute from the family
Speaking to the media, Veerangana Seema Devi said, “Today it feels like the nation has honoured our sacrifice. This is a great source of strength for us.” The martyr’s mother, Nanu Devi, with pride in her eyes, added, “I am proud of my son’s sacrifice, but his absence will always be felt.”

Sergeant Surendra Singh Moga was not just the son of Jhunjhunu’s soil — he was, and remains, a source of pride for the entire nation. The Air Chief’s visit was a powerful reminder that India does not forget the sacrifices of its sons who lay down their lives in service of the motherland.


ऑपरेशन सिंदूर के इस हीरो और राजस्थान के झुंझुनूं से शहीद के घर पहुंचे एयरफोर्स चीफ, वीरांगना और परिजनों को किया सम्मानित


झुंझुनूं में, एयरफोर्स चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शहीद सार्जेंट सुरेन्द्रसिंह मोगा के परिवार से मिलकर उनकी शहादत को नमन किया। उन्होंने शहीद परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। सरकार शहीद को बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट देगी और स्कूल का नाम भी शहीद के नाम पर रखा जाएगा।


झुंझुनूं: राजस्थान की वीरभूमि झुंझुनूं में मंगलवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी के दिल में गर्व और भावुकता का तूफान भर दिया। दरअसल, मंगलवार को एयरफोर्स प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, पत्नी के साथ राजस्थान में झुंझुनूं जिले के उस शहीद सार्जेंट सुरेन्द्रसिंह मोगा के घर पहुंचे जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए थे। जिला मुख्यालय से सटे गांव मेहरादासी में स्थित शहीद सुरेन्द्रसिंह के आवास पर पहुंचे वायु सेना (एयरफोर्स) प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने वीरगति को प्राप्त सुरेंद्र के परिवार वालों से मुलाकात करते हुए शहादत को अभिवादन किया।
ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सार्जेंट सुरेन्द्रसिंह मोगा के घर पहुंचे एयरफोर्स प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने पूरे गांव को यह भरोसा दिलाया कि भारतीय वायुसेना शहीद परिवार के साथ हमेशा खड़ी है, उनकी हर जरूरत का ख्याल रखा जाएगा। गांव मेहरादासी में शहीद सुरेन्द्रसिंह के घर पहुंचे एयरफोर्स चीफ ने शहीद की पत्नी वीरांगना सीमा देवी, मां नानू देवी, बेटी वृतिका और बेटे दक्ष से मुलाकात की। उनकी पत्नी ने भी वीरांगना से दिल से बात की, वहीं एयर चीफ मार्शल बच्चों संग घुलमिल गए। इस दौरान उन्होंने शहीद की तस्वीर के सामने नमन कर पुष्प अर्पित किए और कहा – ‘सार्जेंट सुरेन्द्रसिंह मोगा का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह कर्ज देश कभी नहीं उतार सकता। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने सुरेंद्र मोगा की पत्नी वीरांगना सीमा देवी का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। एयरफोर्स प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की पत्नी ने भी वीरांगना से बात कर ढ़ाढस बंधाते हुए हौसला अफजाई की। वहीं एयरफोर्स प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह शहीद के बेटे दक्ष के साथ खेले।

शहीद की बेटी का बयान रहा था सुर्खियों में
याद दिला दें, 9 मई 2025 को पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर बेस कैंप पर हमला किया था, जिसमें गांव के लाल सुरेन्द्रसिंह शहीद हो गए थे। उस समय छोटी-सी वृतिका ने मीडिया के सामने पाकिस्तान से बदला लेने की जोरदार बात कही थी, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। इधर, इस दौरान शहीद सुरेंद्र मोगा की बेटी वृतिका का एयरफोर्स प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और उनकी पत्नी ने दुलार किया। सनद रहे कि यह वही वृतिका जिसने शहादत के बाद अंतिम संस्कार वाले दिन मीडिया से बातचीत करते हुए अपने पिता की बदला लेने के लिए पाकिस्तान से चुन चुन दुश्मनों का खात्मा करने की बात पर विशेष जोर दिया। बालिका वृतिका का यह बयान उस समय सोशल मीडिया से सुर्खिया बना था। इसके अलावा वीरागंना की भी अंतिम संस्कार के समय कही गई बात सुर्खिया बटोरने के साथ तमाम लोगों को भावुक कर गई थी।

सरकार के बयान पर हुआ था विवाद

हाल ही में सरकार के एक मंत्री ने कहा था कि “ऑपरेशन सिंदूर में राजस्थान से कोई शहीद नहीं हुआ”। इस बयान ने न केवल झुंझुनूं में बल्कि देश भर में आक्रोश पैदा कर दिया। विपक्ष दलों के तमाम नेताओं ने सरकार के बयान को गलत बताया वहीं लोकसभा क्षेत्र झुंझुनूं से कांग्रेस सांसद बृजेन्द्रसिंह ओला ने लोकसभा में विरोध दर्ज कराया, वहीं शहीद परिवार ने भी कहा था सरकार चाहे मुआवजा न दे, पर शहादत से इंकार न करे। अब लोगों में चर्चा रही कि एयरफोर्स चीफ का यह दौरा मानो इस विवाद पर मोहर लगा गया कि सुरेन्द्रसिंह सचमुच ऑपरेशन सिंदूर के हीरो थे।

बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट और स्कूल का नाम बदलने का ऐलान

एयर चीफ मार्शल ने बताया कि जल्द ही शहीद को बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। गांव के स्कूल का नाम भी “सार्जेंट सुरेन्द्रसिंह मोगा” के नाम पर करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही वीरांगना सीमा देवी को नौकरी देने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी होगी।

गांव में गूंजे भारत माता के जयकारे

एयरफोर्स प्रमुख के काफिले में एयर कमांडर दीपक कुमार शर्मा, ग्रुप कैप्टन प्रदीप, ग्रुप कैप्टन एलएस चारण और ग्रुप कैप्टन विनय भारद्वाज जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उनके आगमन से गांव में देशभक्ति का माहौल बन गया। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग सभी “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठे।

वीरांगना का भावुक बयान

वीरांगना सीमा देवी ने कहा- “आज लग रहा है कि हमारे बलिदान को देश ने सम्मान दिया है। यह हमारे लिए बहुत बड़ा संबल है।” वहीं शहीद की मां नानू देवी ने गर्व से कहा “बेटे की शहादत पर गर्व है, लेकिन उसकी कमी हमेशा खलेगी।” झुंझुनूं की मिट्टी का यह बेटा सिर्फ अपने गांव का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का अभिमान है। एयरफोर्स चीफ का यह दौरा साबित करता है कि देश अपने सपूतो के बलिदान को कभी नहीं भूलता।

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