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जोड़बीड़ में गिद्धों को कुत्तों के हमले से बचाने के लिए बीडीए करेगा डिच फेंसिंग

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मानव- वन्यजीव संघर्ष पर पहली बार हुई जिला स्तरीय कार्यशाला

एनजीओ और गौशालाओं के सहयोग से जिले भर में खोले जाएंगे रेस्क्यू वार्ड

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय

कोई पशु घायल हो या शिकार की घटना पर वाइल्ड लाइफ कंट्रोल रूम नंबर 0151-2527901 करें फोन

बीकानेर, 19 जनवरी। जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में सोमवार को मानव- वन्यजीव संघर्ष पर पहली बार जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। कार्यशाला में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

गिद्ध संरक्षण क्षेत्र जोड़बीड़ में की जाएगी डिच फेंसिंग
बैठक में उप वन संरक्षक श्री जी.वैंकटेश ने बताया कि गिद्ध संरक्षण क्षेत्र जोड़बीड़ में दिसंबर-जनवरी में हजारों की संख्या में गिद्ध आते हैं कई बार आवारा कुत्ते गिद्धों पर हमला कर देते हैं। जिला कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उस स्थान को चिन्हित कर लें जहां गिद्ध भोजन के लिए बैठते हैं उसके चारों ओर बीकानेर विकास प्राधिकरण से जल्द ही खाई खुदवा कर बाड़ बनवा दी जाएगी।

वाइल्ड लाइफ कंट्रोल रूम नंबर 0151-2527901 का करें प्रचार
बैठक में उपवन संरक्षक ( वाइल्ड लाइफ) श्री संदीप कुमार छलानी ने बताया कि किसी जानवर के घायल होने या शिकार की घटना होने पर वाइल्ड लाइफ कंट्रोल रूम नंबर 0151-2527901 पर कोई भी फोन कर सकता है। जिला कलेक्टर ने इस नंबर का प्रचार प्रसार करने और जानवरों के घायल और शिकार जैसी घटना पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

एनजीओ और गौशालाओं के सहयोग से जिले भर में खोले जाएंगे रेस्क्यू वार्ड
बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता श्री मोखराम धारणियां ने कहा कि सर्दियों में शिकार की घटनाएं ज्यादा होती हैं। शिकार की घटना की जानकारी देने के बाद भी वन विभाग की टीम का रेस्पोंस काफी कमजोर रहता है। टीमें देर से पहुंच पाती है। इस पर जिला कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले भर में स्थानीय एनजीओ,गौशाला संचालकों और पशुपालन विभाग के सहयोग से रेस्क्यू वार्ड विकसित किए जाएं ताकि स्थानीय स्तर पर ही घायल पशुओं का इलाज किया जा सके।

जिला मुख्यालय पर रेस्क्यू सेंटर के लिए निगम देगा 5 हैक्टेयर जमीन
उप वन संरक्षक श्री जी.वैंकटेश द्वारा जिला मुख्यालय पर रेस्क्यू सेंटर को लेकर 5-10 हैक्टेयर जमीन की जरूरत बताने पर जिला कलेक्टर श्रीमती वृष्णि ने निगम कमिश्नर से बात कर बताया कि रेस्क्यू सेंटर के लिए निगम 5 हैक्टेयर जमीन देने को तैयार है।

करंट की जगह बायो फेंसिंग को दें बढ़ावा
उपवन संरक्षक ( वाइल्ड लाइफ) श्री छंगानी ने बताया कि कई बार कंटीली बाड़ या करंट वाली बाड़ से वन्यजीवों को काफी नुकसान हो जाता है। जिला कलेक्टर ने इस पर कैक्टस इत्यादि के जरिए बायो फेंसिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सामाजिक कार्यकर्ता श्री हरी राम बिश्नोई ने विकास के साथ वन्य क्षेत्रों में गौरेया के घोंसले नष्ट होने और उनके संरक्षण की बात कही।

बैठक में श्री छंगानी ने बंदर इत्यादि के हमले की घटना होने को लेकर कहा कि नगर निगम अगर बंदर पकड़ने वालों की निविदा कर दें तो ऐसी घटना होने पर बंदर को पकड़ने की जल्द कार्रवाई हो सकती है। बैठक में वन विभाग के अलावा पशुपालन, नगर निगम,प्रदूषण नियंत्रण मंडल, उद्योग, राजूवास के अधिकारियों के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता श्री मोखराम धारणियां और श्री हरी राम बिश्नोई उपस्थित रहे।

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