GENERAL NEWS

टूटी सड़क और बहते गंदे नाले से मरीज ही नहीं, मोहल्लेवासी भी परेशान, बीकानेर के इस क्षेत्र का हाल बदहाल

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बीकानेर। शहर के प्रमुख चिकित्सा क्षेत्र में स्थित अपेक्स अस्पताल के मुख्यद्वार के आगे की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे और लगातार बहते गंदे पानी के कारण अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को पहले गंदगी और अव्यवस्था से जूझना पड़ता है, उसके बाद वे इलाज के लिए अस्पताल में प्रवेश कर पाते हैं।

स्थिति उस समय और भी गंभीर हो जाती है जब अपेक्स अस्पताल से एएसजी आई हॉस्पिटल तक बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। अस्पताल में पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद चौकीदार और प्रबंधन की लापरवाही के चलते वाहन सड़क किनारे ही खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है।

रानी बाजार चौराहे से अंडरपास की ओर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन उस स्थान का उपयोग आम नागरिकों के बजाय अस्पताल स्टाफ की पार्किंग के लिए किया जा रहा है। सड़क पर ढलान होने के कारण अस्पताल के आगे से बहने वाला गंदा पानी सीवरेज जाम की स्थिति में चारों ओर फैल जाता है और आगे जाकर आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच जाता है, जिससे दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बना रहता है।

सड़क पर गड्ढों, मिट्टी के भराव और लगातार पानी के बहाव से पार्किंग व्यवस्था भी पूरी तरह बिगड़ चुकी है। मलबा और कचरा उठाने की जिम्मेदारी न तो नगर निगम निभा रहा है और न ही अस्पताल प्रशासन। इस क्षेत्र के रहवासी रोजाना इस अव्यवस्था से जूझने को मजबूर हैं।

हाल ही में अपेक्स अस्पताल के सामने पैचवर्क कराया गया था, लेकिन लगातार बहते पानी के कारण कुछ ही दिनों में सड़क फिर से खराब हो गई। दूसरी ओर, डाक बंगले के पीछे अंडरपास चौराहे तक बनी सीसी सड़क को बिना आवश्यकता तोड़कर काली सड़क बना दिया गया। भारी मात्रा में डामर और रोड़ी डालने के बावजूद यह सड़क भी जगह-जगह से उखड़ने लगी है और नीचे की सीसी रोड साफ नजर आने लगी है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन हाल ही में बनी इस सड़क के टूटने का संज्ञान लेकर संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर मरीजों और स्थानीय निवासियों को इसी बदहाल व्यवस्था में जीने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।


FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

About the author

THE INTERNAL NEWS

Add Comment

Click here to post a comment

error: Content is protected !!