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दिव्य कार्तिक पूर्णिमा मेला: कोलायत में उमड़ा आस्था का सागर — विधायक अंशुमान सिंह भाटी और जेठानंद व्यास ने लिया तैयारियों का जायजा, एसपी सागर बोले- सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

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बीकानेर।पवित्र कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर कोलायत धाम श्रद्धा, भक्ति और आस्था से सराबोर हो रहा है। कपिल सरोवर के पवित्र घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने आज स्नान कर कपिल मुनि के दर्शन किए। संपूर्ण कोलायत नगरी में ‘हर हर कपिल मुनि’ और ‘जय श्रीकोलायत धाम’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु, साधु-संत और पर्यटक इस दिव्य मेले का हिस्सा बन रहे हैं।
मेले की तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी, बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास, और पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर स्वयं कोलायत पहुँचे। अधिकारियों ने सरोवर परिसर, घाटों, मंदिर मार्गों और पार्किंग स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने कहा कि “कोलायत का यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। कपिल मुनि की तपोस्थली पर लाखों श्रद्धालुओं का एकत्र होना समाज में धार्मिक समरसता और आध्यात्मिक एकता का संदेश देता है।”
वहीं विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि “कोलायत मेला राजस्थान की आत्मा से जुड़ा आयोजन है। यहाँ न केवल श्रद्धा उमड़ती है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक समन्वय का अनुपम उदाहरण भी प्रस्तुत होता है। प्रशासन ने इस बार बहुत ही सुव्यवस्थित प्रबंध किए हैं जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।”
पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि मेले में सुरक्षा के लिए लगभग 200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ टीआरएफ की विशेष टीम को भी तैनात किया गया है, जो चौबीसों घंटे सतर्क रहेगी। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष जोन बनाकर पुलिस व प्रशासनिक दल सक्रिय हैं।
प्रशासन द्वारा कपिल सरोवर के चारों ओर स्नान घाटों की सफाई, रोशनी, पेयजल, चिकित्सा और यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं के लिए कपिल मुनि मंदिर परिसर में दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है, वहीं घाटों पर गोताखोर और बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं।
इस अवसर पर स्थानीय संत-महात्माओं और सामाजिक संस्थाओं ने भी मेले में सहयोग देते हुए “धार्मिक आस्था और सामाजिक समन्वय” का संदेश दिया।
कपिल मुनि की पवित्र भूमि पर आस्था की यह गंगा आज अपने चरम पर है — जहाँ श्रद्धा, संस्कृति और सुरक्षा का सुन्दर संगम कोलायत मेले को और भी दिव्य बना रहा है।

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