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भाकृअनुप-एनआरसीसी में आईएएस प्रशिक्षुओं ने किया शोध गतिविधियों का अवलोकन..

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बीकानेर 16 मार्च 2026 । भाकृअनुप-राष्‍ट्रीय उष्‍ट्र अनुसंधान केन्‍द्र (एन.आर.सी.सी.), बीकानेर में आज भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों के एक दल ने अपने दौरा कार्यक्रम में दौरान संस्थान में संचालित उष्ट्र प्रजाति संबंधी विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों का अवलोकन किया।
इस अवसर पर केन्द्र के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने प्रशिक्षु अधिकारियों को व्याख्यान प्रस्तुतिकरण के माध्यम से केन्द्र में ऊँट प्रजाति के संरक्षण एवं विकास के लिए किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ऊँटों की घटती संख्या तथा सीमित पारंपरिक उपयोगिता के बावजूद बदलते परिवेश में ऊँट की बहुआयामी उपयोगिता को रेखांकित करते हुए बताया कि केन्द्र स्तर पर ‘रेगिस्तान के जहाज’ ऊँट को ‘डेयरी ऑफ द डेजर्ट’ के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा ऊँटनी के दूध से दो दर्जन से अधिक स्वादिष्ट दुग्ध उत्पाद विकसित किए जा चुके हैं, जिससे इसकी सामाजिक स्वीकार्यता में भी वृद्धि हुई है। डॉ. पूनिया ने केन्द्र द्वारा उष्ट्र आधारित पर्यावरणीय गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए ‘कैमल-बेस्ड इको-टूरिज्म’ के माध्यम से नए अवसर सृजित किए जाने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर केन्‍द्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राकेश रंजन ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी प्रदान की साथ ही डॉ. वेद प्रकाश, प्रधान वैज्ञानिक ने ऊँटों की नस्‍ल संरक्षण कार्यक्रमों के संबंध में प्रकाश डाला।
प्रशिक्षु अधिकारियों को केन्द्र द्वारा ऊँटनी के दूध की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए संचालित अभियान ‘आई लव कैमल मिल्क’ की जानकारी भी दी गई। इस दौरान उन्‍हें ऊँटनी के दूध से तैयार सुगंधित दूध का आस्वादन करवाया गया। साथ ही उन्हें उष्ट्र संग्रहालय, उष्ट्र बाड़ा तथा उष्ट्र डेयरी सहित विभिन्न इकाइयों का भ्रमण करवाते हुए व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने उष्ट्र सवारी का भी आनंद लिया। प्रशिक्षु अधिकारियों ने केन्द्र में किए जा रहे नवाचारों एवं अनुसंधान कार्यों की सराहना की।
जिला प्रशासन की ओर से इस कार्यक्रम की समन्वयक श्रीमती आकांक्षा गोदारा, तहसीलदार ने प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से एनआरसीसी द्वारा प्रदान की गई जानकारी एवं सहयोग की सराहना की। केन्द्र की ओर से इस प्रशिक्षु भ्रमण कार्यक्रम के समन्वयक श्री अखिल ठुकराल, वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारी ने इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए जिला कलेक्टर, बीकानेर, जिला प्रशासन एवं आईएएस अकादमी के प्रति हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर केन्द्र के डॉ. राजेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. मितुल बुम्बडिया, डॉ. श्रीशैलम, श्री दिनेश मुंजाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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