
ससद बजट सत्र में लिया आंदोलन का निर्णय
12 जनवरी को राजधानी जयपुर में होने वाली महारैली में हजारों की संख्या में शिक्षकों की भागीदारी की बनाई रणनीति।
जयपुर।राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन एवं प्रगतिशील शिक्षक संघ का सेमीनार स्वामी कुमारानंद हाल ,हथरोई ,जयपुर में आल इंडिया सेकेंडरी टीचर फेडरेशन के महासचिव जी सदानंदम गौड़ के मुख्य आतिथ्य, अध्यक्षता बनाराम चौधरी प्रदेश अध्यक्ष, एन ई सी सदस्य पूनमचंद विश्नोई के विशिष्ट
आतिथ्य में सैकड़ों शिक्षक नेताओं की उपस्थिति में फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया।
प्रगतिशील के मुख्य महामंत्री किशनलाल सारण ने प्रस्ताव रखते हुए बताया कि सेवारत शिक्षकों के लिए टेट से छूट, ओ पी एस की पूर्णतः बहाली एन ई पी 2020 को वापस लेना स्कूलों के विलय और बंद होने पर रोक गैर शैक्षणिक कार्यों को कम करना संविदा कार्मिकों को नियमित करना, आठवां वेतनमान लागू करना, इनकम टैक्स छूट में रियायत देना , राज्य कर्मचारीयो को मिलने वाले बोनस राशि में वृद्धि करना , सेवानिवृत पर मिलने वाली उपार्जित अवकाश की संख्या में बढ़ोतरी करना, ए सी पी 7,14,21,28 व 32 वर्ष की सेवा पर देना , परिवीक्षाकाल दो वर्ष की जगह एक वर्ष करना , छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की दरों में संशोधन कर प्रक्रिया का सरलीकरण करना,बोर्ड परीक्षा आवेदन में ली जाने वाली फीस का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाना आदि मुद्दों को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया । जहां अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधियों द्वारा तर्क के साथ प्रस्ताव लिए गए एवं राजस्थान सरकार के साथ केंद्र सरकार को भेजे जाने का निर्णय लिया ।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने कर्मचारी वर्ग को आह्वान करते हुए कहा कि पदोन्नति विसंगति सरकार दूर करे एक कर्मचारी पद नियुक्ति से लेकर सेवानिवृत तक एक ही पद पर कार्य करता है जो उनकी सेवा के साथ कुठाराघात है योग्यता होते हुए पदोन्नति नहीं होने से कार्य क्षमता प्रभावित होती है, कर्मचारी वर्ग का आर्थिक शोषण सरकार कर रही हैं कर्मचारियों की आवाज को सरकार दबा रही हैं इस अन्याय को राजस्थान का कर्मचारी बर्दाश्त नहीं कर सकता इसके विरोध स्वरूप आगामी 12 जनवरी जयपुर की सड़कों पर कर्मचारी वर्ग जाम करेगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की रहेगी।
राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेश अध्यक्ष बनाराम चौधरी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में नामांकन सरकार जानबूझकर तोड़ने का प्रयास कर रही हैं ,पदोन्नति होने के बाद होने भी कर्मचारी यथावत स्थान पर कार्य करने से अधिकारी कर्मचारी के कार्यशीलता प्रभावित होती है, सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है ,निजीकरण की ओर धकेलने का एक सुननियोजित सरकार षड्यंत्र कर रही है, जिसको कर्मचारी वर्ग कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
एन ई सी सदस्य पूनमचंद विश्नोई ने कहा कि काम के घंटे कम कर व्यक्ति से शत प्रतिशत योगदान प्राप्त किया जा सकता हैं । आज सरकारी स्कूलों की भौतिक स्थिति दयनीय है जहां छात्रों के बैठने का कोई उचित प्रबंधन नहीं कर पा रही है, फालतू में बजट सरकार खपा रही हैं उस बजट को शिक्षा पर खर्च किया जाना चाहिए। जीडीपी का तीन से चार प्रतिशत शिक्षा पर खर्च कर रही हैं इसे बढ़ाया जाना चाहिए यह हमारी प्रमुख मांग है । सरकार संघ के इक्कीस सूत्रीय मांगों को अनदेखा कर रही हैं, जबकि इसे लागू करने से शिक्षा का ढांचा मजबूत होगा।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जसवत सिंह नरूका ने कहा कि बारह जनवरी के आंदोलन में भागीदारी अच्छी हो सबको प्रयास करना होगा तब जाकर हम सरकार से अपनी वाजिब मांगों को मनवाने में सफल होंगे। बैठक में प्रगतिशील शिक्षक संघ के संगठनों के एक होने व साझा रणनीति पर कमेटी को मूर्त रुप दिया गया ।
इस मौके पर बनाराम चौधरी , पूनम चंद विश्नोई , आनंद पारीक जिलाध्यक्ष बीकानेर, श्री सेलम तेलंगाना ,गणेशम तेलंगाना, पसमेरा तेलंगाना, श्री गजेंद्र तेलंगाना, डॉ विष्णु कुमार तेली प्रदेश कोषाध्यक्ष, आनंद पारीक जिलाध्यक्ष बीकानेर, इंद्रचंद सिरोहिया जिलाध्यक्ष नागौर, महावीर प्रसाद चौधरी ब्लॉक अध्यक्ष पावटा ,रामचंद्र जाट जिलाध्यक्ष जयपुर, विजय आनंद गुप्ता महामंत्री, गणपत लाल ,दुर्गा राम बिश्नोई, मनोहर बिश्नोई ,जसवंत सिंह नरूका , हंसराज चौधरी जिला मंत्री टोंक, बलवंत चौधरी प्रदेश पदाधिकारी ,राजाराम जाट जिला मंत्री टोंक, गुरफ्रान अंसारी महाराष्ट्र माध्यमिक शिक्षक संघ ,बांसर अहमद जम्मू कश्मीर, मोहम्मद अशरफ जम्मू कश्मीर ,अमीन खान जम्मू कश्मीर, कुट्टी नरसिंह राव रेडी महासचिव आंध्रप्रदेश , जी सदानंद गॉड महासचिव ए आई एस टी एफ मौजूद रहे।















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