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भारत विकास परिषद की प्रांतीय युवा-प्रखर प्रतियोगिता का सफल आयोजन..

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ए.आई. विषय पर युवाओं ने रखे सशक्त व विचारोत्तेजक विचार

बीकानेर।
भारत विकास परिषद, राजस्थान उत्तर प्रांत के तत्वावधान में मीरा शाखा, बीकानेर द्वारा प्रांत स्तरीय हिंदी वाद-विवाद एवं आशु भाषण प्रतियोगिता “युवा-प्रखर 2025-26” का आयोजन पार्क पैराडाइज, रानी बाजार में किया गया। प्रतियोगिता का विषय “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव जीवन के लिए वरदान है” रहा, जिस पर राजस्थान उत्तर प्रांत की विभिन्न शाखाओं से आए युवाओं ने तार्किक, प्रभावशाली एवं संतुलित विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा माँ भारती एवं भारत विकास परिषद के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात परिषद की कार्यप्रणाली के अनुरूप वंदे मातरम् गीत का सामूहिक गायन किया गया, जिससे सभागार राष्ट्रभाव और संस्कारों की ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में शाखा संरक्षिका श्रीमती ऋतु मित्तल ने मंचासीन सभी अतिथियों का सादर स्वागत एवं अभिनंदन किया। रीजनल सचिव (महिला सहभागिता) श्रीमती शशि चुघ ने प्रतियोगिता के नियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी रीजनल सचिव संस्कार विनोद सेन जी ने परिषद की स्थापना, उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत विकास परिषद सेवा, संस्कार और सहयोग के माध्यम से समाज निर्माण का कार्य कर रही है तथा महिला सहभागिता से संगठन को नई ऊर्जा मिलती है।
हेमा सिंह जी ने आशु भाषण प्रतियोगिता के नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. हेमंत दधीच (प्रो-वाइस चांसलर, RAJUVAS एवं डीन, वेटेरिनरी कॉलेज, बीकानेर) ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यदि मानवीय मूल्यों और नैतिकता के साथ उपयोग में लाया जाए तो यह मानव जीवन के लिए वरदान सिद्ध हो सकता है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रीजनल सचिव श्री विनोद सेन ने कहा कि परिषद के कार्यक्रम युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दीप्ति वाहल ने युवाओं को परिषद की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर युवा राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य गढ़ते हैं। प्रांतीय सचिव डॉ. संजय जिंदल ने कहा कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर सक्रियता से ही संगठन सशक्त बनता है। प्रांतीय वित्त सचिव श्री पुरुषोत्तम सोनी ने परिषद की पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्यशैली की सराहना की, जबकि प्रांतीय संयोजक संस्कार श्री रामकुमार शर्मा ने कहा कि संस्कारयुक्त युवा ही सशक्त भारत की नींव होते हैं।

प्रतियोगिता का निष्पक्ष मूल्यांकन प्रो. शशिकांत अग्रवाल, श्री उमाकांत शर्मा एवं प्रो. राकेश माथुर के निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली संचालन डॉ. रजनी शर्मा द्वारा किया गया, जिसकी सभी उपस्थितजनों ने सराहना की।

इस अवसर पर राजस्थान उत्तर प्रांत की विभिन्न शाखाओं से आए प्रतिभागी युवा, शाखा अध्यक्ष, सचिव, वित्त सचिव एवं परिषद पदाधिकारी उपस्थित रहे। शाखा से वित्त सचिव रतन गुप्ता एवं हेमा सिंह ने आए हुए अतिथियों के ख़ान पान की व्यवस्था को सम्भाला ।कार्यक्रम के अंत में मीरा शाखा, बीकानेर की ओर से सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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