
बीकानेर। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा इस प्रकार का प्रयास किया जा रहा है। बजट सत्र के प्रथम भाग में इस प्रस्ताव को लेकर चर्चा हुई है और यदि इस पर मतदान होता है तो उन्हें विश्वास है कि लोकसभा स्पीकर बहुमत के साथ इस प्रस्ताव के विरुद्ध जीत हासिल करेंगे।
एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी द्वारा इसका विरोध करना पूर्णतया अनुचित है वर्ष 1952-53 से यह प्रक्रिया लगातार चल रही है और इसका विरोध करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोग्य व्यक्तियों को चुनाव प्रक्रिया में शामिल करना या एक ही व्यक्ति के दो-दो या तीन-तीन मत होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गलत है। इसलिए यदि इस संबंध में कार्रवाई की जाती है तो वह पूरी तरह उचित है।
संसद में हेट स्पीच से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि व्यक्तिगत रूप से उनका मानना है कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी को संसदीय मर्यादा और शालीन भाषा का ही प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसदीय और मर्यादित भाषा ही एक सच्चे राजनीतिज्ञ की पहचान होती है और किसी को भी अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
बाइट अर्जुन राम मेघवाल केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री









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