माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की लूट के खिलाफ राष्ट्रीय जन सुनवाई में बीकानेर से पहुंची महिलाएं

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माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की लूट के खिलाफ राष्ट्रिय जन सुनवाई में बीकानेर से पहुंची महिलाएं

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति 23-24 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में महिलाओं की बढ़ती ऋणग्रस्तता और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की लूट पर राष्ट्रीय जन सुनवाई का आयोजन दिल्ली में शुरू हुआ, जिसमें राज्य महासचिव डॉक्टर सीमा जैन के नेतृत्व में बीकानेर का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ।
जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव ने बताया कि यह राष्ट्रीय जन सुनवाई 21 राज्यों के लगभग 100 गाँवों में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की शिकार 9000 महिला पीड़ितों के सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप आयोजित कर रहे हैं। पीड़ितों की गवाही के साथ, इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट का एक संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण भी राष्ट्रीय जन सुनवाई में प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय जन सुनवाई के निर्णायक मंडल में प्रख्यात न्यायविद न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर, प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रोफेसर प्रभात पटनायक, पत्रकार पामेला फिलिपोज़, प्रख्यात वकील कीर्ति सिंह और ट्रेड यूनियन नेता थॉमस फ्रैंको (पूर्व महासचिव, एआईबीओसी) और प्रियव्रत (उप महासचिव, एआईएसबीओएफ) शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस के दस साल के शासन ने लाखों परिवारों की जिंदगी तबाह कर दी है। महिलाएं किसी तरह की मदद की झूठी उम्मीदों से चिपकी रहती हैं, ताकि बस जिंदा रह सकें। आज भारत की महिलाएं सोच रही हैं कि घर के लिए ज़रूरी चीज़ें- खाना, दवा या बच्चों की पढ़ाई – कैसे पूरी करें। मजबूरी में उन्हें कर्ज लेना पड़ता है। ऐसे में जो भी उधार देता है, वही उन्हें ‘मसीहा’ नज़र आता है।
यहीं पर माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं यानी गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियाँ आती हैं। ये खुद को मददगार दिखाती हैं, लेकिन असल में गिद्ध की तरह शिकार पर टूट पड़ती हैं। कर्ज़ का ऐसा जाल बुनती हैं कि औरत उसमें फंसकर निकल ही नहीं पाती। कर्ज चुकाने का दबाव इतना बढ़ जाता है कि औरत को कोई भी काम करना पड़ता है, चाहे उसमें कितना भी शोषण क्यों न हो। ऊपर से इन संस्थाओं के वसूली करने वाले एजेंट उन्हें गालियां देते हैं, डराते-धमकाते हैं और तरह-तरह से परेशान करते हैं। इसलिए जरूरत है कि इस जाल के खिलाफ संघर्ष किया जाए, ताकि फाइनेंस कंपनियों की लूट बंद हो। बीकानेर से रजिया बानो ने राजस्थान की और से सुनवाई में अपनी बात रखी।
जन सुनवाई में बीकानेर से फरजाना, शांति, रहमत बानो, रमजानी, बिंदु जैन,अफसाना सहित अन्य महिलाएं शामिल रहे।

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