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जयपुर रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर में वरुथिनी एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति से ओत-प्रोत भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न

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बीकानेर।जयपुर रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर में वरुथिनी एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति से ओत-प्रोत भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। भगवान विष्णु को समर्पित इस एकादशी का धर्म शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है, जो पापों के नाश, सौभाग्य की प्राप्ति एवं मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है। इस अवसर पर मंदिर में दिनभर विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

इस पावन अवसर पर बाबा खाटू श्याम का विशेष एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए बाबा को सुगंधित इत्र अर्पित किया गया, जिससे मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय और सुगंधमय बना रहा। वहीं दिल्ली से मंगाए गए विभिन्न प्रकार के गुलाबों से मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। रंग-बिरंगे फूलों की इस मनमोहक सजावट ने मंदिर परिसर को अलौकिक छटा प्रदान की, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में ठंडे पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई। यह व्यवस्था विशेष रूप से भवानी शंकर द्वारा की जा रही है, जिससे तेज गर्मी के बावजूद दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

भक्तों द्वारा आम, खरबूजा और लीची जैसे मौसमी फलों का विशेष भोग बाबा को अर्पित किया गया। श्रद्धालु अपने घरों से यह भोग लेकर पहुंचे, जो उनकी गहरी आस्था और समर्पण का प्रतीक रहा।

मंदिर परिसर में दिनभर भजनों की मधुर स्वर लहरियां गूंजती रहीं—
“श्याम बाबा है अनोखा, मांगो उसी से जो दे दे खुशी से” तथा
“कभी रूठना ना मुझसे तू श्याम सांवरे, मेरी जिंदगी है अब तेरे नाम सांवरे”
जैसे भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर भजनों के साथ झूमते नजर आए।

सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो देर शाम तक जारी रहीं। हजारों श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुंचकर दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते रहे। व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए मंदिर ट्रस्ट द्वारा विशेष प्रबंध किए गए।

मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी 19 अप्रैल को बीकानेर स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मंदिर को विशेष रूप से पतंगों से सजाया जाएगा। साथ ही 13 अप्रैल एकादशी के दिन सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए चाइनीज मांझा के बहिष्कार एवं बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता की शपथ दिलाई गई

इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए मंदिर के गर्भगृह एवं दरबार को पूर्ण रूप से वातानुकूलित (एसी) करने का कार्य प्रगति पर है। साथ ही लिफ्ट निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे बुजुर्ग एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में आसानी होगी।

मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के. के. शर्मा एवं ओम जिंदल द्वारा इस अवसर पर सराहनीय पहल करते हुए पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था हेतु मिट्टी के ‘पालासिया’ पात्र वितरित किए गए। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे इन्हें अपने घरों की छत पर रखकर पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

समग्र रूप से यह आयोजन भक्ति, श्रद्धा, सेवा और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का सुंदर संगम रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

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