“बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों का व्यापक पठन-पाठन व चिंतन वर्तमान की आवश्यकता” —डॉ अन्नाराम शर्मा

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बीकानेर।अखिल भारतीय साहित्य परिषद, बीकानेर महानगर इकाई द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर समरसता व सामाजिक चिंतन विषयक विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
मुख्य वक्ता श्री डॉ मूलचंद बोहरा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व के अनेक आयाम अभी भी गंभीर अध्ययन की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने “द पार्टीशन ऑफ इंडिया’ का उल्लेख करते हुए उनके चिंतन की व्यापकता को रेखांकित किया।
पूर्व महानगर अध्यक्ष श्री विनोद ओझा ने “शूद्र कौन थे?” कृति पर चर्चा कर उनके दृष्टिकोण को स्पष्ट किया।
परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. अन्नाराम शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बाबासाहेब के विचारों का व्यापक पठन-पाठन व संवाद आवश्यक है, जिससे सामाजिक समरसता सुदृढ़ हो और भ्रांतियों का निवारण हो सके।
डॉ. अखिलानंद पाठक ने उनके संघर्ष व सामाजिक दृष्टि पर प्रकाश डाला।
डॉ. बसंती हर्ष ने उनके जीवन को प्रेरणास्रोत बताया, जबकि श्री के.के. शर्मा ने व्यक्तित्व पर विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन मोनिका गौड़ ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्रीनिवास ने दिया। कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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