
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत स्थानीय कारीगरों और लाभार्थियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से बीकानेर के ग्रामीण हाट में तीन दिवसीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का शुभारंभ रविवार को हुआ। मेले का उद्घाटन जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने किया
मेले में करीब 60 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें विभिन्न पारंपरिक और आधुनिक हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
इस अवसर पर एमएसएमई सहायक निदेशक तरुण भटनागर ने बताया कि मेले का मुख्य उद्देश्य विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें और नए बाजारों से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से कारीगरों के बीच आपसी सहयोग बढ़ता है और नेटवर्किंग के माध्यम से ज्ञान एवं कौशल का आदान-प्रदान होता है।जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे मेले कारीगरों को आत्मनिर्भर बनने और अपने उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने में सहायक साबित होंगे।
नाबार्ड के डीडीएम रमेश तांबिया ने कहा कि ग्रामीण कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए ऐसे आयोजन बेहद जरूरी हैं, जिससे उन्हें बाजार तक सीधी पहुंच मिलती है।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सुरेंद्र कुमार ने कहा कि यह मेला स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।
जिला अग्रणी बैंक के मुख्य प्रबंधक लक्ष्मण राम मोड़सिया ने कहा कि बैंकिंग संस्थाएं भी कारीगरों को वित्तीय सहायता और योजनाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान कर रही हैं, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
मेले में भाग लेने वाले सभी पात्र लाभार्थियों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं।











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