महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के रवैये का खामियाजा भुगत रहे चार जिलों के बी.एड. कॉलेज, पीटीईटी काउंसलिंग में पहली सूची से बाहर होने का खतरा

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महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के रवैये का खामियाजा भुगत रहे चार जिलों के बी.एड. कॉलेज, पीटीईटी काउंसलिंग में पहली सूची से बाहर होने का खतरा

बीकानेर, 4 जुलाई। इस वर्ष पीटीईटी-2026 की काउंसलिंग एवं प्रवेश प्रक्रिया का जिम्मा वीएमओयू, कोटा के पास है, लेकिन महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय द्वारा बी.एड. कॉलेजों की एनओसी जारी करने में हो रही देरी के कारण बीकानेर संभाग के चार जिलों—बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू—के बी.एड. कॉलेजों के सामने पहली काउंसलिंग सूची से बाहर होने का संकट खड़ा हो गया है।
पीटीईटी में प्रवेश ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से किए जाते हैं। अभ्यर्थियों को पहले ऑनलाइन प्रोफाइल भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं, इसके बाद संबंधित महाविद्यालय स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। सत्यापन पूर्ण होने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेज की एनओसी जारी किए जाने पर ही कॉलेज काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हो पाते हैं।
कॉलेज संचालकों का आरोप है कि वीएमओयू, कोटा अब तक तीन बार प्रोफाइल भरने की तिथियों में बदलाव कर चुका है और हर बार इसकी वजह महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की ओर से समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं होना रही। शनिवार को प्रोफाइल भरने की अंतिम तिथि होने के बावजूद शाम करीब साढ़े तीन बजे तक विश्वविद्यालय संबंधित कॉलेजों की एनओसी जारी नहीं कर पाया।
कॉलेज संचालकों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित समय में सभी दस्तावेजों का सत्यापन और औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं। इसके बावजूद एनओसी जारी नहीं होने से वे असमंजस की स्थिति में हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर एनओसी जारी नहीं हुई तो चारों जिलों के अनेक कॉलेज पीटीईटी की पहली काउंसलिंग सूची में शामिल नहीं हो पाएंगे, जिससे बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने की आशंका है।
विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ सूत्रों का दावा है कि कुलपति के आगामी सेवानिवृत्ति काल और प्रशासनिक स्तर पर समन्वय की कमी के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित हुई है। हालांकि, इन दावों की विश्वविद्यालय की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
उधर, कॉलेज संचालकों के अनुसार वीएमओयू, कोटा ने स्पष्ट कर दिया है कि काउंसलिंग की समय-सीमा में अब और विस्तार नहीं किया जाएगा। ऐसे में जिन कॉलेजों की प्रोफाइल और एनओसी समय पर अपडेट नहीं होगी, उन्हें प्रथम काउंसलिंग सूची से बाहर रखा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों से बी.एड. कॉलेज पहले ही प्रवेश की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस वर्ष भी पीटीईटी में अपेक्षा से कम अभ्यर्थियों के आवेदन करने के कारण कॉलेज संचालक चिंतित हैं। ऐसे में यदि प्रथम सूची में इन कॉलेजों का नाम शामिल नहीं होता है तो बीकानेर संभाग के अनेक बी.एड. महाविद्यालयों की बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रहने की आशंका और बढ़ जाएगी।

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