शिक्षा निदेशालय में लगी आग:पैनल बोर्ड में धमाके से मचा हड़कंप, शिक्षा निदेशक ऑफिस से कुछ कदम दूर पैनल में विस्फोट

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शिक्षा निदेशालय में लगी आग:पैनल बोर्ड में धमाके से मचा हड़कंप, शिक्षा निदेशक ऑफिस से कुछ कदम दूर पैनल में विस्फोट

बीकाने

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां इलेक्ट्रिक पैनल में जोर से धमाका हुआ और आग लग गई। धमाका इतना तेज था कि तीसरी मंजिल पर बैठे कर्मचारी भी दहल गए। पास ही तैनात गार्ड और सहायक कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पानी डालकर आग बुझाई। आग बुझाने के उपकरण भी मौजूद थे लेकिन इसकी जरूरत नहीं पड़ी।

शिक्षा निदेशक आशीष मोदी के कमरे से महज तीस-चालीस कदम की दूरी पर ही इलेक्ट्रिक पैनल बना हुआ है। इसी पैनल में अचानक जोर से धमाका हुआ। तेज आवाज के कारण तीसरी मंजिल तक आवाज सुनाई दी। ऐसे लगा जैसे कोई बम फटा हो। दरअसल, यहां लगे फ्यूज में आग लग गई थी। आसपास से कर्मचारियों ने पहुंचकर पानी डालकर आग को बुझाया। स्टॉफ ऑफिसर अरुण शर्मा भी तुरंत मौके पर पहुंचे। इससे पहले बिजली आपूर्ति बंद की गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

कुछ दिन पहले भी लगी थी आग

पिछले सप्ताह भी निदेशालय परिसर में आग लगी थी। तब गार्ड रूम के पीछे लगे पेड़ और घास में आग लगी। यहां फैले बिजली के तार जल गए। यहां भी बिजली का एक बोर्ड पूरी तरह जलकर राख हो गया था। ये आग बुझाने के लिए अग्निशमन को बुलाना पड़ा था। तब आग कमरे में पहुंच जाती तो भारी नुकसान हो सकता था।

कर्मचारियों ने जताया आक्रोश

शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ ने बिजली व्यवस्थाओं को लेकर आक्रोश जताया है। कर्मचारियों का आरोप है कि समय समय पर देखभाल नहीं होने के कारण ऐसे हालात बने हैं। प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने बताया कि एक सप्ताह में दो बार आग लग गई है। निदेशालय में प्रदेशभर के कर्मचारियों का रिकार्ड पड़ा है। जिसमें आग लग सकती है।

नहीं है फायर सेफ्टी

शिक्षा निदेशालय प्राइवेट स्कूल को मान्यता देने से पहले फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट मांगता है। जिसके लिए तमाम प्रबंध करने पड़ते हैं। वहीं दूसरी ओर निदेशालय में ही ऐसे कोई प्रबंध नहीं है।

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